नोएडा के सिटी सेंटर पर सड़क से लेकर मेट्रो स्टेशन तक दिक्कत अभी बरकरार रहेगी। मेट्रो स्टेशन की मरम्मत का काम लंबे समय तक खिंच सकता है।
सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली मेट्रो रेल निगम मरम्मत कार्य में किसी तरह की जल्दबाजी करने से परहेज कर रहा है। ऐसे में निर्धारित डेडलाइन में पूरा हो पाना मुश्किल लग रहा है।
मेट्रो स्टेशन की खामियां सामने आने के बाद 25 सितंबर को डीएमआरसी की तरफ से तीन सप्ताह में मरम्मत कार्य पूरा करने का दावा किया गया था।
डेडलाइन अगले सप्ताह पूरी होने जा रही है, लेकिन स्टेशन के केंटिलीवर आर्म (बीम का हिस्सा) की मरम्मत का काम अभी शुरू नहीं हो पाया है।
इंजीनियर्स की माने तो पिलर नंबर-174 पर मरम्मत कार्य करने में अभी कम से कम एक सप्ताह लग जाएगा। इसके बाद पिलर नंबर-185 पर भी इसी प्रक्रिया के तहत मरम्मत का काम किया जाएगा।
क्या पहले नहीं डली थी रॉड
स्टेशन में आई खामियों की जांच के लिए गठित की गई डीएमआरसी की हाई लेवल कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में डिजाइनिंग में लापरवाही बरतने का उल्लेख किया था।
अमर उजाला ने रिपोर्ट आने से पहले ही अपने 25 सितंबर के अंक में लोड डिजाइनिंग में गड़बड़ी के संकेत दे दिए थे। अब एक और बात सामने आ रही है।
बताया जा रहा है कि मेट्रो स्टेशनों के प्रत्येक केंटिलीवर के एक सिरे से दूसरे सिरे तक रॉड डली है, लेकिन पिलर नंबर-174 व 15 के केंटिलीवर में ऐसा नहीं पाया गया।
यही वजह रही कि प्लेटफॉर्म का दबाव केंटिलीवर नहीं झेल पाए।