उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) वर्चुअल क्लास के मॉडल को बढ़ावा देते हुए ई-बुक प्रोजेक्ट शुरू करेगी। प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों को इससे जोड़ा जाएगा।
इसकी खासियत यह है कि प्रोजेक्ट में कॉलेजों के टॉपर छात्रों को भी किताबें लिखने का मौका दिया जाएगा। इस मॉडल के जरिये होने वाली पढ़ाई में यूपी के छात्रों को ध्यान में रखा जाएगा।
टेक्निकल कंटेंट में अंग्रेजी भाषा का कम से कम इस्तेमाल करते हुए मैथेमैटिकल, एनालिटिकल, सिंबॉलिक और फ्लोचार्ट की भाषा का ज्यादा इस्तेमाल होगा।
यूपीटीयू के नोएडा कैंपस में सोमवार को वर्चुअल क्लास स्टूडियो शुरू हो गया। यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. आरके खांडल, प्रोवीसी डीएस यादव, रजिस्ट्रार यूएस तोमर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआईटीटीटीआर) के डायरेक्टर डॉ. एमपी पुनिया ने इसे लॉन्च किया।
पहले दिन नौ राज्यों के 12 केंद्रों से जोड़कर इसका उद्घाटन कार्यक्रम पूरा हुआ। इसके बाद तकनीकी सत्र हुए। पांच दिन तक यह ट्रेनिंग प्रोग्राम चलेगा।
इस मौके पर डॉ. खांडल ने बताया कि योजना को आगे बढ़ाते हुए वर्चुअल क्लास को पूरे प्रदेश के कॉलेजों से जोड़ा जाएगा। फैकल्टी के रिकॉर्डेड लेक्चर और ऑनलाइन लेक्चर के जरिये पढ़ाई होगी।
प्रोजेक्ट के कंटेंट पर लिखने वाले से ज्यादा पढ़ने वाले का अधिकार होगा। अगले छह महीने में इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा।
जबकि अगले सत्र 2014-15 से छात्रों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने सभी कॉलेजों के संचालकों से मिलजुल कर काम करने की अपील की।
स्टीरिंग कमेटी बनाई जाएगी
कॉलेजों को एक मंच पर लाने के लिए यूपीटीयू ने एक स्टीरिंग कमेटी बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए सभी कॉलेज चेयरमैन को जानकारी भेजी जा रही है। इसका मकसद एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा खत्म कर तकनीकी शिक्षा की बेहतरी के प्रयास होंगे।