नोएडा में किसान कोटे का पांच फीसदी भूखंड मिलने के बाद अगर आवंटी किसान की मौत हो जाती है तो वारिसान के नाम भूखंड ट्रांसफर होने पर छह माह तक आवंटन दर पर रजिस्ट्री कराने की छूट मिल सकती है।
जमीन अधिग्रहण के एवज में प्राधिकरण से किसानों को पांच फीसदी आवासीय भूखंड दिया जाता है। इसकी रजिस्ट्री अगर आवंटन तिथि से छह माह के भीतर होती है, तो उस पर आवंटन दर के हिसाब से पांच फीसदी स्टांप शुल्क देना होता है।
पांच फीसदी आवासीय भूखंड की आवंटन दर बहुत कम होती है। इससे किसान को रजिस्ट्री कराने में ज्यादा बोझ नहीं पड़ता, मगर छह माह बीतने के बाद सर्किल रेट लागू हो जाता है।
अगर किसी किसान के नाम भूखंड आवंटित होता है। किसी कारणवश वह रजिस्ट्री नहीं करवा पाता और आवंटन को छह माह बीत जाता है।
अचानक उसकी मौत हो जाती है, तो उसके वारिसान के नाम ट्रांसफर होने पर रजिस्ट्री के समय सर्किल रेट के हिसाब से स्टांप शुल्क लगता है।
प्राधिकरण का कहना है कि ऐसे मामलों में वारिसान के नाम भूखंड ट्रांसफर होने पर उसी तिथि से छह माह तक आवंटन दर पर रजिस्ट्री कराने की छूट दे दी जाए।
प्राधिकरण के डीसीईओ विजय यादव की ओर से पत्र मिलने के बाद विभाग वारिसान के नाम भूखंड चढ़ने की तिथि को मानकर आवंटन दर पर रजिस्ट्री की छूट देने पर सहमत हो गया है।
हालांकि कुछ बिंदुओं पर असमंजस की स्थिति है, जिसे साफ करने के लिए प्राधिकरण और रजिस्ट्री विभाग की बैठक जल्द होगी।