नोएडा के सेक्टर-76 में चल रहे बिल्डर प्रोजेक्ट के मैनेजर को बुधवार शाम सोरखा गांव के एक किसान ने अपने बेटों के साथ मिल कर साइट से अगवा कर लिया।
इतना ही नहीं उसको अपने मकान में बंधक बना कर जमकर पीटा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मैनेजर को मुक्त कराया और किसान व उसके बेटों को गिरफ्तार किया, लेकिन चंद घंटों बाद ही राजनीतिक दबाव के चलते आरोपियों को जमानत पर रिहा करना पड़ा।
बुधवार देर शाम सेक्टर-76 में आम्रपाली बिल्डर की प्रोजेक्ट साइट पर दिल्ली निवासी प्रोजेक्ट मैनेजर अमरेन्द्र कुमार काम करा रहे थे। उसी समय सोरखा निवासी चतुर्भुज यादव अपने बेटे अमित, दिनेश और उमेश के साथ पहुंचा और काम बंद करने की धमकी देते हुए अमरेन्द्र से मारपीट शुरू कर दी।
इसके बाद उसे कार में जबरन बैठाया और अपने घर ले जाकर बंधक बना लिया। साइट पर काम कर रहे मजदूरों ने इसकी सूचना अपने अधिकारियों और पुलिस कंट्रोल रूम को दी।
इस पर पुलिस सोरखा गांव पहुंची और मैनेजर को मुक्त कराया। पुलिस ने अमरेन्द्र की शिकायत पर चतुर्भुज व उनके बेटों को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी सेक्टर-49 जीपी यादव के मुताबिक देर रात सभी को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
वहीं किसान चतुर्भुज का कहना है कि जिस जमीन पर पिलर बनाया जा रहा है, वह उनकी जमीन है, जिसका प्राधिकरण से अभी मुआवजा नहीं मिला है।
एक महीने पहले भी इस तरह का प्रयास हुआ था। आरोप है कि पुलिस से मिलीभगत कर बिल्डर जबरन उसकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
थाने में हुआ हंगामा
किसान और उसके बेटों की गिरफ्तारी की सूचना पहुंचने पर सोरखा गांव से उसके परिजन अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंच गए। जहां उन्हें छोड़ने का दबाव बनाया गया।
जब पुलिस ने छोड़ने से इंकार किया तो राजनीतिक पार्टियों, ग्राम प्रधान और मीडिया का सहारा लिया व हंगामा शुरू कर दिया। बसपा एमएलसी के अलावा सपा के कई नेता भी पहुंच गए।
दबाव पड़ते ही पुलिस अधिकारियों ने जमानत पर उन्हें रिहा कर दिया। आरोप है कि देर रात रिहाई के बाद प्रोजेक्ट मैनेजर को दबंगों के समर्थकों ने धमकाना शुरू कर दिया।