नोएडा शहर के नामी स्कूलों में बच्चों का दाखिला अभिभावकों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। सीटों से कई गुना आवेदन आ रहे हैं।
किसको मौका देना है, यह स्कूल प्रबंधन पर ही निर्भर है। अभी तक जिन स्कूलों ने दाखिले की लिस्ट जारी की है, उससे ज्यादातर अभिभावकों को निराशा ही हाथ लगी है।
मायूस हो चुके परिजनों को स्कूल इतना भी मौका नहीं दे रहे हैं कि वह पूछ सकें कि उनके बच्चे का दाखिला क्यों नहीं हुआ।
मालूम हो कि शहर के नामी स्कूलों में एमिटी, एपीजे, बाल भारती आदि ने ही एडमिशन के लिए लिस्ट जारी की है। उसमें काफी दाखिले तो रिजर्व कैटेगरी में रखे गए हैं। सीटें भी सीमित हैं।
इसके अलावा स्कूल टीचर समेत अन्य स्टाफ के बच्चों को भी रिजर्व में रखा जाता है। जिनको दाखिला देना ही है।
एक स्कूल में दाखिले के लिए आवेदन कर चुके अभिभावक प्रमोद ने बताया कि लिस्ट में उनके बच्चे का नाम नहीं है।
कई बार स्कूल गए और प्रबंधन से मिलने का प्रयास किया लेकिन उन्हें गेट के अंदर घुसने नहीं दिया गया। सिर्फ यही कहा जा रहा है कि स्कूल की वेबसाइट में सब कुछ मिल जाएगा।
टीचर से लेकर प्रिंसिपल तक ने फोन उठाना बंद कर दिया गया है।
नहीं काम आ रहीं सिफारिशें
स्कूलों में दाखिले के समय सिफारिशें भी काम नहीं आ रही हैं। अभिभावक रमाकांत ने बताया कि एक स्कूल में दाखिले के लिए उन्होंने कहीं से सिफारिश लगवा दी।
स्कूल ने माता-पिता और बच्चे को बुलाया। सबसे पहले यही कहा गया कि दाखिले में इस तरह की सिफारिशें लगाना आपके बच्चे के भविष्य के लिए अच्छा नहीं हैं।
माफी मांगकर वापस चला आया। दाखिला होगा या नहीं, कोई गारंटी नहीं।