नोएडा की औद्योगिक इकाईयों को जहां एक ओर रात की घोषित कटौती से राहत मिली है। वहीं, दूसरी ओर आवासीय सेक्टरों में इसका औसत समय बढ़ गया है।
विद्युत निगम को जितनी सप्लाई मिल रही है उसी हिसाब से वितरण हो रहा है। इसी बीच निगम का मनाना है कि त्योहारों से पहले शहर को इमरजेंसी कटौती से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।
नो पावर कट जोन कहा जाने वाला नोएडा अब ‘पावर कट जोन’ कहलाने लगा है। 24 अगस्त से शुरू हुई इमरजेंसी कटौती एक महीने से लगातार जारी है।
दो, तीन, चार और पांच घंटे की कटौती झेलने वाला नोएडा फिलहाल आगे भी कटौती की चपेट में रहेगा। सितंबर महीने की शुरुआत में औद्योगिक सेक्टरों में रात 10 से दो बजे तक कटौती शुरू हुई।
यह आदेश पहले 15 सितंबर तक था, लेकिन बाद में इसे 22 तक जारी रखा गया। इसी बीच औद्योगिक संगठनों ने भूख हड़ताल, प्रदर्शन और धरने की चेतावनी दी, जिसके बाद इमरजेंसी कटौती रोकने के आदेश तत्काल प्रभाव से जारी हो गए।
उद्यमियों को राहत मिल गई, लेकिन आवासीय सेक्टरों से कटौती अब भी दूर नहीं हुई। पश्चिमांचल विद्युत निगम के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि फिलहाल आवासीय सेक्टरों में कम से कम दो घंटे की कटौती जारी रहेगी।
दशहरा व दीवाली के आसपास कुछ राहत मिलेगी। इसके अलावा सप्ताह में एक दो दिन कटौती नहीं हो सकती है, लेकिन यह सिर्फ सांकेतिक होगी।
बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सप्लाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके कारण नोएडा क्षेत्र में कटौती बढ़ गई है।