नीलराणा/राजस्थान में बायोकॉन लिमिटेड की चेयरमैन और एमडी डॉ. किरण मजूमदार शॉ ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दूसरों की नकल न करें।
अलग सोचें और रचनात्मक काम करें। इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और रिसर्च छात्रों की पढ़ाई का हिस्सा होना चाहिए। संस्थान रिसर्च वर्क और उद्यमिता को बढ़ावा दें ताकि ऐसे छात्र तैयार हो सकें जो समाज की हकीकत को बदलने में अहम भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि सिर्फ फूड सिक्योरिटी बिल पास करने से देश की समस्या खत्म नहीं होगी। नई तकनीकों के इस्तेमाल से कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देने की जरूरत है।
रोजगार योजनाएं कागजों में नहीं बल्कि जॉब सिक्योरिटी के रूप में हकीकत में आनी चाहिए। इस बदलाव को सिर्फ छात्र ही ला सकते हैं।
डॉ. शॉ ने एनआईआईटी यूनिवर्सिटी (नीलराणा, राजस्थान) के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं। समारोह की शुरुआत डॉ. शॉ के साथ यूनिवर्सिटी के चेयरमैन व संसद सदस्य डॉ. करन सिंह, संस्थापक राजेंद्र एस. पवार, सह संस्थापक विजय थड़ानी और प्रेसिडेंट डॉ. राजेंद्र पांडे ने की।
इस मौके पर यूनिवर्सिटी के बीटेक और एमबीए पासआउट 195 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। बीएचयू की राह पर चलते हुए दीक्षांत समारोह में डिग्री लेने पहुंचे छात्र परंपरागत परिधानों में दिखे। छात्रों ने कुर्ता, पायजामा और जैकेट पहनी तो लड़कियां साड़ी में डिग्री लेने पहुंची।
इस मौके पर डॉ. पांडे ने यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन, मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने एनयू के चार छात्रों को रिसर्च के लिए ग्रांट प्रदान की है।
बीटेक में ‘डिजाइन थिंकिंग’
एनआईआईटी यूनिवर्सिटी (एनयू) ने बीटेक कोर्सेज में नई पहल करते हुए डिजाइन थिंकिंग के रूप में एक कोर्स शुरू हुआ है। इंडस्ट्री के सहयोग से इसे बीटेक के सभी विषयों में शामिल किया गया है। साथ ही नवंबर के अंत में कैंपस माइक्रोसॉफ्ट इनोवेशन सेंटर (एमआईसी) की शुरुआत करने जा रही है जो छात्रों को उद्यमिता के क्षेत्र में काम करने के लिए तैयार करेगा।