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पंजाब के पूर्व चीफ सेक्रेटरी व बेटे के खिलाफ मामला दर्ज

Sat, 02 Nov 2013 12:56 AM IST
अमर उजाला, नोएडा
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पंजाब के पूर्व चीफ सेक्रेटरी और दिल्ली में कई महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे अशोक चंद्र सेन व उनके बेटे के खिलाफ नौकर को बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने का मामला नोएडा पुलिस ने दर्ज किया है। नौकर के भाई की शिकायत पर पुलिस ने चार घंटे की मशक्कत के बाद उसे मुक्त कराया।
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थाना प्रभारी जेपी यादव ने बताया कि पंजाब के पूर्व सेक्रेटरी (सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी) अशोक चंद्र सेन (76) परिवार के साथ सी ब्लॉक सेक्टर-50 में रहते हैं।

नवंबर 2012 में कुक के लिए अखबार में एक विज्ञापन दिया था। विज्ञापन देख कर पश्चिम बंगाल निवासी अमर सरदाना उनके पास नौकरी के लिए पहुंचा।

शुरू के तीन महीने साढ़े चार हजार व बाद में साढ़े सात हजार रुपये के वेतन की बात तय हुई और वह नौकरी करने लगा।

कुछ दिन पहले अमर ने गांव में रहने वाले अपने भाई पंकज को सूचना दी कि उसे पूर्व आईएएस ने बंधक बना कर रखा है।

न तो वेतन दिया जा रहा है और न ही उसे बाहर निकलने दे रहे हैं। आए दिन उससे मारपीट की जाती है। इस पर पंकज नोएडा सेक्टर-50 पहुंचा।

उसका आरोप है कि भाई अमर से उसे मिलने नहीं दिया गया और उसे भी धमकाया गया। इसके बाद उसने दिल्ली में पश्चिम बंगाल के रेजीडेंट कमिश्नर से मिल कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
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रेजिडेंट कमिश्नर नोएडा पुलिस को अमर को मुक्त कराने को कहा। एसएसपी के आदेश पर थाना सेक्टर-49 पुलिस पूर्व अधिकारी के आवास पर पहुंची, जहां काफी मशक्कत के बाद अमर को बंधन मुक्त कराया गया।

पंकज ने अशोक सेन और उनके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। वहीं रिटायर्ड आईएएस व उनके परिवार ने इस मामले पर मीडिया से बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया।

पुलिस से भी अभद्रता
अमर को मुक्त कराने पहुंची थाना सेक्टर-49 पुलिस से पूर्व आईएएस अधिकारी ने अभद्रता की। सरेआम पुलिस कर्मियों को धमकाया।

पुलिस उनके रुतबे को देख बैरंग लौट आई, लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आदेश पर दोबारा वहां पहुंची और अमर को उनके साथ भेजने का दबाव बनाया।

चार घंटे तक ड्रामा चलता रहा। इस दौरान मीडिया का जमावड़ा लग गया। मीडिया कर्मियों को देख उन्होंने अपना गुस्सा शांत किया और अमर को पुलिस व उसके भाई के साथ भेज दिया।

मीडिया को किसने बुलाया
मीडिया को घटना की जानकारी किसने दी इस पर रहस्य बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक मामला पूर्व आईएएस का होने के चलते पुलिस कर्मियों ने भविष्य में अपने ऊपर आने वाले खतरे को टालने के लिए इस ड्रामे की खबर लीक की। ताकि पूरा घटनाक्रम मीडिया के सामने हो और वह अपने वरिष्ठ अधिकारियों के सवालों का जवाब दे सकें।

गिरफ्तारी से हिचकी पुलिस
पूर्व आईएएस अधिकारी व उनके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज करने वाली पुलिस गिरफ्तारी करने से बचती रही। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कह अपना पल्ला झाड़ लिया।
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मामला पूर्व आईएएस का होने के चलते पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी गिरफ्तारी के सवाल पर कन्नी काटते दिखाई दिए।
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