अमेरिका में शट डाउन से बनी ऊहापोह की स्थिति के बीच अब
डॉलर में उछाल के संकेत मिलने लगे हैं।
इस संकेत से खासकर मुंबई स्थित
भारतीय निर्यातकों में पेमेंट क्लीयर करने में तेजी आ गई है, जिसको देख
निर्यातक भी पसोपेश में आ गए हैं।
बीते कुछ दिनों से डॉलर में स्थिरता
को देख निर्यातक राहत की सांस ले रहे थे लेकिन बुधवार देर शाम मिली सूचनाओं
ने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया है।
वे अब फेयर में मौजूद ग्राहकों को
सोच समझकर रेट बताने की कोशिश में लगे हैं। वहीं खरीदारों भी इस बात को
समझने लगा है।
डॉलर में तेजी आने का संकेत ऐसे मौके पर मिला है कि निर्यातक
कुछ भी समझ नहीं पा रहे हैं। उन्हें फायदा होगा या नुकसान यह तो डॉलर की
चाल पर निर्भर करेगा लेकिन वर्तमान में उन्हें अपने रेट फिक्स करने में
परेशानी हो सकती है।
क्योंकि डॉलर थोड़ा भी उछला तो खरीदार उसी के हिसाब से
निर्यातकों से आइटमों की कीमत तय करेंगे।
एक्सपोर्ट एसोसिएशन के सचिव
सतपाल का कहना है कि ऐसी सूचना देश की बड़ी कंपनियों के शेयर डाउन चलने की
वजह से आई है।
आयातक अपना पेमेंट चुकता करने में लग गए हैं। ताकि बाद में
उन्हें डॉलर के बढ़े हुए भाव में कहीं पेमेंट न करना पड़ जाए।