नोएडा के सेक्टर-105 में शुक्रवार की रात एक ठेकेदार को गोली मारने के बाद बदमाशों ने ऑफिस में रखे चार लाख रुपये लूट लिए।
जानकारी के मुताबिक सेक्टर-105 के सी ब्लॉक में लेबर ठेकेदार मुकेश शर्मा का ऑफिस है। ऑफिस में मुकेश शर्मा ने अपने दोस्तों को दिवाली की पार्टी दे रखी थी, जिसमें सेक्टर-74 में शटरिंग ठेकेदार रामआधार भी आया था।
रात साढ़े दस बजे संदिग्ध परिस्थितियों में रामआधार के सिर में गोली लग गई। घायल ठेकेदार को साथी राहुल व विक्की उपाध्याय यथार्थ अस्पताल ले गए।
जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पाकर थाना सेक्टर-39 पुलिस के अलावा एसपी सिटी व एसएसपी भी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस को ऑफिस के अंदर एक तमंचा व पांच कारतूस मिले। पूछताछ में राहुल ने बताया कि पार्टी के बाद सभी लोग अपने-अपने घर चले गए थे।
अंत में उसके अलावा रामआधार व विक्की उपाध्याय बचे थे। विक्की किसी काम से बाहर चला गया। उसी दौरान चार बदमाश ऑफिस में घुस आए और तमंचा दिखा कर अलमारी में रखी नकदी निकालने के लिए उसे तोड़ने लगे।
रामआधार ने जब विरोध किया तो उसे गोली मार दी। उनसे बचने के लिए वह बाथरूम में घुस गया और अंदर से सिटकनी लगा कर दूसरी तरफ से निकल गया।
पुलिस ने ऑफिस मालिक मुकेश शर्मा से भी पूछताछ की तो उसने बताया कि पार्टी खत्म होने के बाद पास में ही स्थित वह अपने घर चला गया था।
अलमारी में लेबर को वेतन देने के लिए लगभग पांच लाख रुपये रखा था, जिनमें से चार लाख रुपये गायब हैं। पुलिस ने विक्की उपाध्याय की तहरीर पर हत्या व लूट का मामला दर्ज किया है।
कुछ दिन पहले ही पुणे से लौटा था रामआधार
पांच साल पहले तक रामआधार परविंदर उर्फ कल्लू के यहां नौकरी करता था। इसके बाद वह पुणे चला गया और शटरिंग की ठेकेदारी करने लगा। कुछ दिन पहले ही वह लौटा था और सेक्टर-74 में बिल्डर साइट पर शटरिंग का ठेका ले रखा था। मुकेश शर्मा व कल्लू के बुलाने पर वह पांच साल बाद उनके पास शुक्रवार को पहुंचा था।
हत्या या हादसा
पुलिस परिस्थितिजन्य साक्ष्य, राहुल व विक्की उपाध्याय के बयानों के बीच उलझी हुई है। लूटपाट के दौरान हत्या से ज्यादा पुलिस हादसे के रूप में पूरी घटना को देख रही है। पुलिस के मुताबिक पार्टी के दौरान शराब का दौर चला।
हो सकता है कि उसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया हो और रामआधार को गोली मार दी गई हो। बदमाश लूटपाट के दौरान तमंचा व कारतूस छोड़ कर नहीं जाते। राहुल के बार-बार बदलते बयानों को लेकर भी पुलिस का शक गहरा रहा है।