नोएडा के सदरपुर गांव में रविवार सुबह दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष में दर्जनों लोग घायल हो गए। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने एक स्कॉर्पियो समेत कई वाहन फूंक दिए।
मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को काबू में किया। गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल वहां तैनात है।
पुलिस ने सपा नेता समेत 26 लोगों के खिलाफ नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक विवाद तीन दिन पहले शुरू हुआ था। यह विवाद गांव में एक युवक और युवती से रोडरेज की घटना को लेकर हुआ था, जो दो पक्षों के संघर्ष में तब्दील हो गया।
मामला उस समय शांत हो गया था लेकिन शनिवार को एक बार फिर जिम में दोनों पक्षों के युवकों के बीच मारपीट हो गई।
लोगों ने बीच बचाव किया और दोनों पक्षों के बीच सुलह कराई। आरोप है कि उसी दिन रात में एक पक्ष के लोग दूसरे पक्ष के घरों में घुस गए और मारपीट, पत्थरबाजी व महिलाओं के साथ अभद्रता की।
बताया रविवार सुबह दबंग पक्ष ने गांव में पंचायत की, जिसके बाद गांव के युवक उग्र हो उठे और दूसरे पक्ष के घर पहुंच कर मारपीट, पत्थरबाजी और आगजनी की।
उग्र युवकों ने कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की और एक कार को आग के हवाले कर दिया। सूचना पाकर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, पीएसी समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच, जिसके बाद स्थित पर काबू पाया गया।
हालांकि गांव में अब भी तनाव व्याप्त है। गांव में पुलिस बल तैनात है। एसपी सिटी योगेश सिंह ने बताया कि कमल सिंह की तहरीर पर प्रताप चौहान ,प्रधान सुरेंद्र चौहान समेत 26 लोगों के खिलाफ आगजनी, बलवा, मारपीट, जानलेवा हमले का नामजद मामला दर्ज किया गया है।
साथ ही 150 अज्ञात लोगों पर भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने नामजद आरोपियों में से अमित, रोहित व पुनीत को गिरफ्तार किया है। बाकी की तलाश जारी है। सूत्रों के मुताबिक नामजद लोगों में एक सपा नेता भी है।
कार टच होने को लेकर बढ़ा बवाल
क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम शिवराम यादव ने बताया कि तीन दिन पहले गांव में अमित रावत और ज्योति से गांव के रहने वाले संदीप चौहान की कार टच हो गई थी।
यह बात युवक और युवती ने अपने परिचित निक्कू को बताई। संदीप चौहान को किसी ने सूचना दी कि निक्कू उन्हें ढूंढ रहा है। संदीप ने इस बारे में निक्कू केपिता से बात की।
पिता ने उन्हें सुलह कराने के लिए घर बुलाया लेकिन आरोप है कि संदीप के साथ उन्होंने मारपीट की, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। संदीप चौहान पक्ष ने थाने में एनसीआर दर्ज कराई।
थाना प्रभारी ने गिरफ्तारी के लिए दबिश दी लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई। कार्रवाई न होने पर थानाध्यक्ष से फिर मिले। रविवार को चौहान पक्ष के लोग काफी संख्या में इकट्ठा हुए और उग्र होकर हिंसा पर उतर आए।
2012 से पनप रहा था आक्रोश
वादी कमल के भाई नरेश कुमार का आरोप है कि दूसरे पक्ष की ओर से अक्सर जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था।
दूसरे पक्ष के लोग गाली गलौच भी करते थे। दिसंबर 2012 में दूसरे पक्ष के लोग घरों में घुस आए और मारपीट व तोड़फोड़ करने लगे। डर सहमे लोगों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई, जिसके बाद थाने में एससी/एसटी एक्ट के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
इसके बावजूद आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग लगातार परेशान कर रहे थे।
पुलिस की लापरवाही से हुई घटना
2012 से लेकर अब तक पुलिस ने मामले को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। चौहान पक्ष ने दो दिन पहले दूसरे पक्ष के खिलाफ थाना सेक्टर 39 में एनसीआर दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
लोगों में आक्रोश पनप रहा था लेकिन बीट कांस्टेबल से लेकर थाना प्रभारी तक मामले को लेकर लापरवाह रहे। स्थिति ने गंभीर रूप ले लिया।
थाना प्रभारी पर दबंग पक्ष का साथ देने का आरोप लगाते हुए दूसरे पक्ष ने उन्हें थाने से हटाने की मांग अधिकारियों से की है।