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आईटी-बीपीओ: इस साल कम होंगे प्लेसमेंट

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नोएडा। अमेरिकी आउटसोर्सिंग इंडस्ट्री के नकारात्मक रुझान को देखते हुए आईटी-बीपीओ इंडस्ट्री में इस साल कैंपस प्लेसमेंट और नई नौकरियों में गिरावट की आशंका है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज (नैसकॉम) के मुताबिक इस साल कैंपस प्लेसमेंट पिछले साल के मुकाबले 60 फीसदी तक ही होंगे जबकि नई नौकरियों में 17 फीसदी की कमी आ सकती है। अमेरिका में एंटी आउटसोर्सिंग बिल पास हुआ तो प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से इंडस्ट्री के कर्मचारियों को नुकसान होगा।
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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 500 से ज्यादा छोटी-बड़ी आईटी, आईटी सर्विसेज, इंबेडिड, बीपीओ, बीपीएम और कॉल सेंटर काम कर रहे हैं। शहर की 22 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की इस इंडस्ट्री का 60 फीसदी कारोबार अमेरिका और लगभग 30 फीसदी कारोबार यूरोपीय देशों से है। इंडस्ट्री के कई जानकार अमेरिकी आउटसोर्सिंग बिल को गंभीरता से ले रहे हैं जबकि कुछ ऐसा नहीं मान रहे हैं कि इसका तुरंत सीधा असर होगा। अमेरिका के अलाव यूके समेत यूरोपीय देशों से कारोबार करने वाली कंपनियों और कर्मचारियों पर एंटी आउटसोर्सिंग बिल का असर नहीं पड़ेगा।

आईटी-बीपीओ इंडस्ट्री स्किल बेस (नैसकॉम के मुताबिक)
इंजीनियरिंग ग्रेजुएट 30 फीसदी
ग्रेजुएट 40 फीसदी
पीजी (एमबीए भी) 12 फीसदी
फाइनेंशियल स्पेश्यिलिस्ट (सीए भी) 5 फीसदी
डॉक्टर, लॉयर, पीएचडी 3 फीसदी
अन्य 4 फीसदी

टैलेंट आउटपुट (नैसकॉम के मुताबिक)
आर्ट्स व अन्य ग्रेजुएट्स 36 फीसदी
इंजीनियरिंग (डिग्री/डिप्लोमा) 16 फीसदी
कॉमर्स ग्रेजुएट 14 फीसदी
साइंस ग्रेजुएट 13 फीसदी
एमसीए व तीन साल का डिप्लोमा 6 फीसदी
पीजी 6 फीसदी
अन्य ग्रेजुएट्स 9 फीसदी

रफ्तार धीमी रहेगी
पिछले साल से इस बार 17 फीसदी कम नौकरियां मिलेंगी। अमेरिका की ओर से भी नकारात्मक खबरें आ रही हैं। हालांकि आउटसोर्सिंग अमेरिका ने ही शुरू की थी जो उसकी जरूरत है लेकिन अपनी आईटी इंडस्ट्री को इस निर्भरता को छोड़कर कारोबार के नए क्षेत्र और नए ट्रेंड की ओर देखने की जरूरत है। एंटी आउटसोर्सिंग बिल से डरने की जरूरत नहीं है।
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-मनिंदर ग्रेवाल, एमडी हेल्थफोर टेक्नोलॉजीज लि. और चेयरपरसन नैसकॉम, नोएडा रीजनल काउंसिल

अमेरिकी दौरे कम होंगे
एंटी आउटसोर्सिंग बिल का असर आउटसोर्सिंग से ज्यादा सीधे ऑफशोयरिंग पर पड़ेगा। भारतीय कंपनियों को अमेरिका में कारोबार करते हुए स्थानीय कर्मचारियों को नौकरी देनी पड़ेगी, जिससे अपने देश से एच-1 और एल-1 वीजा पर यूएस जाने वाले कर्मचारियों में कमी आएगी।
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-सुनील गोयल, सीओओ सोपरा ग्रुप और कॉ-चेयरपरसन, नैसकॉम, नोएडा रीजनल काउंसिल
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