नोएडा। जिला अस्पताल में निजी अस्पताल से आने वाले स्वाइन फ्लू के संदिग्ध रोगियों अथवा उनकी देखभाल करने वाले लोगों को बिना फिजीशियन के परामर्श के टैमीफ्लू की दवा नहीं मिलेगी। जिला अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं रोगियों ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर रिसीव न करने का आरोप लगाया है।
सीएमएस डॉ. अशोक मिश्र ने बताया कि निजी अस्पताल से स्वाइन फ्लू की पॉजिटिव रिपोर्ट के आधार पर मरीजों को टैमीफ्लू की दवा नहीं दी जाएगी। सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक अस्पताल में फिजीशियन मौजूद हैं। मरीज ओपीडी के समय में अस्पताल आकर फिजीशियन से मिल सकते हैं। उनके परामर्श पर ही टैमीफ्लू की दवा दी जाएगी। साथ ही कहा कि इमरजेंसी में स्वाइन फ्लू की जानकारी देने की व्यवस्था है लेकिन टैमीफ्लू की सुविधा इमरजेंसी में नहीं है। ऐसे मरीज दवा के लिए सेक्टर-39 स्थित सीएमओ कार्यालय में संपर्क करें। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी विभाग के स्वाइन फ्लू हेल्पलाइन नंबर के न उठने का मरीजों ने आरोप लगाया है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे संदिग्ध मरीज शाकिर ने बताया कि कई बार दिए गए नंबरों पर फोन किया गया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
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एक साल बाद लौटे बाल रोग विशेषज्ञ
सीएमएस डॉ. अशोक मिश्र ने बताया कि करीब एक साल तक बिना सूचना गायब रहे बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेश राज ड्यूटी ज्वाइन करने अस्पताल पहुंचे थे लेकिन उन्हें मना कर दिया गया। डॉ. नरेश के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। शासन की अनुमति मिलने पर ही उन्हें अस्पताल में ज्वाइन करना संभव होगा। डॉ. नरेश ने लंबे समय तक अपनी अनुपस्थित का कारण बीमार होना बताया है।
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200 किट मंगाई गई
सीएमओ डॉ. आरके गर्ग ने बताया कि स्वाइन फ्लू की जांच के लिए दो सौ जांच किट दिल्ली से मंगाई गई हैं। इसके अलावा 30 प्रोटेक्शन किट विभाग के स्टॉक में उपलब्ध हैं। जिला अस्पताल को पांच जांच किट और बीस प्रोटेक्शन उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।