नोएडा में ट्रैफिक व्यवस्था के लिए मुसीबत बनते जा रहे ऑटो-टेंपो पर अंकुश लगाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
आने वाले समय में नोएडा व ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर ऑटो की जगह बसें दौड़ती नजर आएंगी। एसपीवी (स्पेशल पर्पज व्हीकल) के तहत 170 बसों का संचालन शुरू होने के बाद दोनों शहरों से ऑटो-टेंपो पर अंकुश लग सकता है।
जाम की समस्या ने प्रदेश का शो विंडो कहे जाने वाले नोएडा का हाल बेहाल कर दिया है। लगातार वाहनों का दबाव बढ़ रहा है और सड़कें कम पड़ती जा रही हैं।
ऐसे में दौड़ रहे अनगिनत ऑटो-टेंपो ट्रैफिक व्यवस्था के लिए दिक्कतें पैदा करने लगे हैं। नतीजतन एसपीवी को ऑटो के विकल्प के तौर पर लिया जा रहा है।
इसके अंतर्गत 170 बसों का संचालन किया जाएगा। यह बसें नोएडा व ग्रेनो के सेक्टरों को जोड़ने के साथ-साथ गांवों को भी जोड़ने का काम करेंगी।
पिछली बोर्ड बैठक में एसपीवी के गठन को मंजूरी दी जा चुकी है। इसका एमओयू तैयार कर प्राधिकरण ने प्रमुख सचिव (अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास) के पास मंजूरी के लिए भेजा है।
रोडवेज के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक एसपीवी की शर्तों में शामिल दो बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाई है। अगले एक महीने में सभी अड़चनें दूर हो जाएंगी।
ऑटो-टेंपो हटाना मजबूरी
सूत्रों की मानें तो 170 बसों का संचालन होने के बाद सड़कों से ऑटो और टेंपो का दबाव कम करना प्राधिकरण और परिवहन विभाग के लिए मजबूरी होगा।
फिलहाल जिन सिटी बसों का संचालन रोडवेज कर रहा है उनसे प्राधिकरण को करोड़ों का घाटा हो रहा है। ऑटो का विकल्प होने के कारण लोग बसों में सफर नहीं करना चाहते।
एसपीवी के प्रारूप पर एक नजर
बजट 100 करोड़
बड़ी बसें 100
मिनी बसें 50
सेमी लो फ्लोर बसें 20
संचालन को होगा एक अलग कंपनी का गठन
नोएडा-ग्रेनो के सभी सेक्टर और गांव जुड़ेंगे