मंसूरपुर के गांव बोपाड़ा में सोमवार सुबह इज्जत के नाम पर एक युवक ने अपनी छोटी बहन की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने थाने पहुंच कर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी आदेश पुत्र ओमवीर सिंह पाल निवासी गांव बोपाड़ा है। बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह पूर्व उसकी छोटी बहन के साथ उस समय छेड़खानी की घटना हुई थी, जब वह अपने दोस्त के साथ एक रेस्टोरेंट में खाना खाकर निकल रही थी।
इस मामले में जुबेर निवासी नावला को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं। इस घटना से आदेश काफी व्यथित था और उसने इसे परिवार की इज्जत से जोड़ लिया था। पिछले तीन दिन से भाई-बहन के बीच इसी बात को लेकर अनबन भी चल रही थी। सोमवार सुबह पिता ओमवीर सिंह गन्ना डालने शुगर मिल गया था। घर पर आदेश, मां और बहन ही थे।
सुबह करीब 9.30 बजे आदेश बहन को छेड़खानी मामले में बयान दर्ज कराने के बहाने बाइक से घर से लाया और गांव के बाहर लाकर तमंचा उसके सीने से सटाकर दो गोलियां मार दीं। पुलिस लहूलुहान हालत में युवती को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज ले गई, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। एसपी सिटी सतपाल अंतिल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर हत्यारोपी भाई से पूछताछ की।
हत्यारोपी भाई को बहन की हत्या का कोई अफसोस नहीं
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। गांव बोपाड़ा में बहन की गोलियों से भूनकर हत्या करने के आरोपी भाई को इस कत्ल का कोई अफसोस नहीं है। पुलिस अभिरक्षा के दौरान उसने साफ शब्दों में कहा कि इज्जत से बड़ी कोई चीज नहीं, इसलिए उसे इस हत्या का कोई अफसोस नहीं है। युवती की हत्या से परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव बोपाड़ा निवासी युवती की झूठी आन की खातिर हत्या करने वाला भाई आदेश पर कत्ल करने का जुनून सवार था। इसके लिए उसने कई दिन से तैयारी भी की हुई थी।
मां कुसुम का कहना है कि हत्यारोपी भाई आदेश बुढ़ाना में एक पेट्रोल पंप पर नौकरी करता है। बहन के साथ एक हफ्ते पूर्व हुई छेड़छाड़ की जानकारी मिलने के बाद घर आया था। पिछले तीन दिन से प्रेमी संग रेस्टोरेंट पर खाना खाने जाने व वहां हुई छेड़छाड़ को लेकर भाई-बहन के बीच विवाद चल रहा था। सोमवार सुबह करीब 9.30 बजे वह बहन को इसी मामले में बयान दिलाने के लिए थाने ले जाने के बहाने बाइक से बैठाकर घर से लाया और गांव के बाहर लाकर गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी।
आरोपी हत्या करने को लेकर इतना उत्तेजित था कि दो गोलियां मारने के बाद तीसरी बार फिर कारतूस तमंचे में भरकर बहन पर गोली चलाई, लेकिन वह गोली मिस होकर तमंचे में ही फंसी रह गई। हालांकि बहन का दम दो गोलियां लगने के बाद ही निकल गया था। इसके बाद बेखौफ भाई सीधे थाना मंसूरपुर पहुंचा और तमंचे समेत खुद को पुलिस के हवाले कर बहन की हत्या करने की जानकारी दी।
पुलिस अभिरक्षा में जब उससे बहन की हत्या करने की बाबत पूछा गया, तो उसका साफ कहना था कि उसी ने बहन को अपने हाथों में खिलाया था, लेकिन जब वह परिवार की इज्जत से खिलवाड़ करने पर उतर आई तो उन्हीं हाथों से उसकी जान भी ले ली। इज्जत से बढ़कर कोई चीज नहीं है, इसलिए उसे बहन की हत्या करने का कोई अफसोस भी नहीं है।
एसपी सिटी सतपाल अंतिल ने बताया कि हत्यारोपी भाई को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा व दो खोखा-कारतूस बरामद किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
मेरा तो परिवार ही उजड़ गया
मंसूरपुर। गांव बोपाड़ा निवासी ओमवीर सिंह आदेश द्वारा बेटी की हत्या किए जाने को लेकर काफी व्यथित नजर आया। थाने में तहरीर देने पहुंचे ओमवीर सिंह ने बताया कि परिवार में दो बेटे आशीष व आदेश हैं। दो बेटियां हैं। इनमें आशीष व रूपा की शादी हो चुकी है। आशीष मेरठ में एक दुकान पर काम करता है, जबकि आदेश बुढ़ाना में पेट्रोल पंप पर नौकरी करता है। वहीं, बेटी इंटर पास करने के बाद करीब चार साल से घर पर ही रहती थी। बेटी की हत्या के बाद बिलखते ओमवीर ने बताया कि वह तो घटना के समय गन्ने डालने शुगर मिल गया था। क्या पता था कि पीछे उसकी दुनिया ही उजड़ जाएगी और वह भी अपने ही बेटे के हाथों से।
शोहदों और पुलिस भी कम जिम्मेदार नहीं
मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर के गांव बोपाड़ा निवासी युवती के कत्ल का जिम्मेदार आखिर कौन ? रह-रहकर आम जनमानस को यह सवाल पूरे दिन मथता रहा कि आखिर प्रेमी संग रेस्टोरेंट में एक हफ्ते पूर्व खाना खाने जाने की मामूली गलती कैसे युवती की जिंदगी लील गई ? कहने को भाई आदेश के हाथ बहन के खून से रंगे हैं, लेकिन हकीकत में इस कत्ल के जिम्मेदार उसके साथ छेड़छाड़ करने वाले शोहदे ही नहीं, बल्कि वह थाना पुलिस भी है, जो छेड़छाड़ के बाद पीड़िता की पहचान छिपाकर नहीं रख पाई।
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव बोपाड़ा निवासी मध्यम वर्गीय परिवार की युवती 18 फरवरी की शाम अपने प्रेमी बताए जा रहे युवक के साथ खाना खाने के लिए थाने से कुछ दूरी पर हाईवे स्थित रेस्टोरेंट में गई थी। वहां से खाना खाकर निकली तो वहां मौजूद दूसरे समुदाय के चार शोहदों की दृष्टि उस पर टिक गई और उसके बाद जो हुआ, उसकी कीमत युवती को अपनों के ही हाथों कत्ल होकर चुकानी पड़ी। दरअसल, शोहदों ने युवती को प्रेमी संग देख उसके साथ बदनीयती से छेड़छाड़ की, बल्कि उसे सरेराह हाईवे पर बेइज्जत भी किया।
पीड़िता के शोर मचाने पर कुछ दूर स्थित थाने से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और एक आरोपी जुबेर निवासी नावला को दबोच लिया, जबकि उसके तीन साथी फरार हो गए। पीड़ित युवती ने इज्जत की खातिर निडर होकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से पुलिस उसकी पहचान छिपाकर नहीं रख पाई। पीड़ित परिजनों का दावा है कि छेड़छाड़ मामले में बेटी की पहचान उजागर होने के बाद इस प्रकरण को युवती के भाई आदेश ने इज्जत से जोड़ लिया और आखिरकार बहन को उसके इस किए की सजा उसकी सांसें छीनकर दे डाली।
ऐसे में भले ही पुलिस हत्यारोपी भाई को जेल भेजकर खुद को पाक-साफ साबित कर रही हो, लेकिन यह भी उतना ही कड़वा सच है कि मासूम के खून के छींटे खुद खाकी के दामन पर भी पड़े हैं, जो न केवल पीड़ित युवती की पहचान छिपाकर रख पाई और न ही उसे सरेराह बेइज्जत करने वाले शोहदों को गिरफ्तार ही कर सकी।