करहेड़ा गांव में बुखार से बालक की मौत हो गई थी। शुक्रताल में उसके अंतिम संस्कार में भाग लेने गया ग्रामीण नहाते समय गंगा में डूब गया। सूचना मिलने पर परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस के साथ उसको ढूंढने के लिए गोताखोरों से तलाश कराया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव करहेड़ा में जसवीर का 12 साल का बेटा शिवम बीते एक पखवाड़े से बुखार से पीड़ित था। मेरठ के एक अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था। सोमवार देर रात उसकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह दस बजे परिजन और ग्रामीण उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए शुक्रताल लेकर गए। शव के अंतिम संस्कार के चलते उसको जल समाधि देने के लिए तैयारी करने में लग गए।
इसी बीच गांव से साथ आया 40 बरस का चंदर पुत्र सुखबीर पानी में अंदर चला गया और देखते ही देखते पानी में समा गया। उसे डूबते देख ग्रामीणों ने शोर मचाया। ग्रामीण के डूबने की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोर को नाव के साथ मौके पर बुलवा लिया। कांटे के सहारे उसकी तलाश में जुट गए।
घंटों तलाश करने के बाद निराश ग्रामीणों ने पूर्व प्रधान भारतवीर, विनोद, महिपाल, भोपाल, हरवीर, मिथलेश, आशू, छत्रपाल, सुभाष, कमल, रिडवा, राजपाल, जयपाल, जयकरण, सूबेसिंह, धर्मपाल, ग्यासू आदि ने शुभम के शव को नाव के जरिए गंगा के बीच जल समाधि देकर अंतिम संस्कार कर दिया।
उधर, चंदर के गंगा में डूबने से उसकी बेटी राखी, सुखी, मोटी, पुत्र बंधन और पत्नी प्रतिमा का रो-रोकर बुरा हाल है। देर शाम तक चंदर के छोटे भाई संजीत, विपिन ग्रामीणों के साथ उसको तलाशने में लगे हुए थे।