मो. असलीम
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देवबंद (सहारनपुर)। भारतमाता को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। आज की युवा पीढ़ी का कहना है कि महात्मा गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। युवाओं को उनके विचार अपने जीवन में अपनाने चाहिए।
देवबंद की युवा अधिवक्ता असमीत कौर का कहना है कि गांधीजी ने हमें बताया है कि सत्य और अहिंसा से किस प्रकार से अपने लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। गांधीजी ने हमें सत्य, अहिंसा व प्रेम का संदेश दिया है।
रसूलपुर टांक निवासी विपिन राणा का कहना है कि महात्मा गांधी के विचारों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। हमें उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
शिक्षक नगर निवासी अपर्णा राणा का कहना है कि महात्मा गांधी ने हमें सिखाया है कि उच्च शिक्षित और उच्च पद पर रहते हुए भी कैसे सादगी से जीवन जिया जा सकता है। बापू अपने सादगीपूर्ण व्यवहार के कारण आज भी भारतवंशियों के लिए ही नहीं अपितु विश्व के लिए पूजनीय और प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश व मानवता के लिए समर्पित कर दिया। बेलड़ा बुजुर्ग निवासी मो. असलीम का कहना है कि महात्मा गांधी के कार्यों की वजह से आज हम आजाद भारत में खुली हवा में सांस ले रहे हैं। राष्ट्र हमेशा गांधीजी का ऋणी रहेगा। कुछ लोग गांधीजी के विचारों और सिद्धांतों का विरोध करते हैं, लेकिन हम सभी को गांधीजी के राष्ट्र उनके योगदान को कभी भुलाना नहीं चाहिए।
अपर्णा राणा- फोटो : DEVBAND
विपिन राणा- फोटो : DEVBAND
अधिवक्ता असमीत कौर- फोटो : DEVBAND