सीएम हेलीपैड से मंदिर की तरफ बढ़े तो भाजपा नेताओं का काफिला भी उनके साथ चला। मगर, मंदिर के बाहर ही सबको रोक लिया गया। सिर्फ सीएम कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर में बत्तीस मान के पंचों के बीच पहुंचे। यहां पूजा अर्चना की। पंच केशवानंद, महंत रूपनाथ और तुलसीपुर के संत योगी संध्यानाथ समेत अन्य संतों से धर्म चर्चा की।
पंच केशवानंद ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ नाथ पंथ के उपसभापति भी है। इस नाते ही वह बत्तीस मान के भंडारे में शामिल होने आए थे। सभा का कार्यक्रम तय नहीं था, वह सिर्फ समय पर निर्भर था। मंदिर में सिर्फ सुरक्षा अधिकारी और संत समाज ही रहा।
योगी मंदिर में पहुंचे तो वंदेभारत के लिए दौड़े भाजपा समर्थक
मुजफ्फरनगर। सीएम योगी आदित्यनाथ जैसे ही मंदिर में घुसे तो भाजपा नेताओं ने जिला मुख्यालय के लिए दौड़ लगाई। अपने-अपने वाहनों से रेलवे स्टेशन पर वंदेभारत का स्वागत करने के लिए पहुंचे। जिनकी ड्यटी खतौली में थी, वह भी पहुंच गए।