कार्यकर्ताओं का अभिवावन स्वीकार करते योगी आदित्यनाथ।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले की जनता की नब्ज को समझते हुए अपने भाषण को मुजफ्फरनगर पर ही केंद्रित रखा। वह दंगे और युवाओं को फर्जी मुकदमों में फंसाए जाने की बात का जिक्र करना भी नहीं भूले। कांवड़ यात्रा को यहां के लोगों के सम्मान और स्वाभिमान से जोड़ा। उन्होंने अपने भाषण में तीर्थ क्षेत्र शुक्रताल और गन्ना किसानों की बात की।
सीएम आदित्यनाथ ने अपने भाषण में जिले के लोगों को अपने साथ जोड़ने का पूरा प्रयास किया। पूरे प्रदेश को अपने लिए एक परिवार बताते हुए उन्होंने विकास में सबको बराबर साथ लेकर चलने की बात की। 2013 के दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि इस जिले के लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। बूचड़खाने बंद कराने के निर्णय को लागू कराने की बात कही।
उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार किसी के दबाव में काम नहीं करेगी। दंगे के बाद जिस तरह युवाओं पर फर्जी मुकदमे हुए योगी सरकार में ऐसा नहीं होगा। गन्ना किसानों की बात करते हुए कहा कि बीते वर्ष का समस्त बकाया का किसानों को भुगतान हो चुका है। इस सत्र के गन्ने का 600 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू कर किसानों की आय बढ़ाने का वादा भी उन्होंने किया।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में तीर्थ क्षेत्र शुक्रताल का जिक्र करते हुए, इसे पर्यटन के रूप में विकसित करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने जिले से गुजरने वाली कांवड़ यात्रा का कई बार जिक्र किया। यह भी कहा कि चार करोड़ लोगों ने जिस तरह अनुशासन का परिचय दिया यह एक मिसाल है।
उन्होंने यहां तक कहा कि इस बार हमने कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा कराई। कुछ लोगों ने यह कहा शिव यात्रा में गाना बजाना नहीं होगा, तो हमने कहा कि यह शिव यात्रा है, शव यात्रा नहीं। उल्लास के साथ कांवड़ यात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में व्यापारी भयभीत था। अराजकता का माहौल था, अपहरण होते थे। हमने कानून का राज स्थापित किया है।