मुजफ्फरनगर। ऊर्जा निगम के निदेशक वाणिज्य आरके जैन ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक कर राजस्व वसूली की समीक्षा की। उन्होंने कम राजस्व वसूली और स्मार्ट मीटर लगाने में उदासीनता पर एक्सईएन एवं तीन एसडीओ को कड़ी चेतावनी जारी की।
ऊर्जा निगम की ओर से बिजली बिल राहत योजना एक दिसंबर से लागू की जा रही है। योजना के तहत तीन माह के दौरान बिजली बिलों के मूलधन और सरचार्ज से माफी का अलग-अलग निर्धारण किया गया है। निगम की ओर से पहली बार मूलधन में 25 प्रतिशत छूट की घोषणा की है। साथ ही बड़े बकायादारों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। शनिवार को सर्किल ऑफिस में मेरठ से पहुंचे निदेशक वाणिज्य ने अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व वसूली की समीक्षा की।
मुख्य अभियंता विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि एक्सईएन अंकुर सिंह की ओर से लक्ष्य के सापेक्ष 60 प्रतिशत राजस्व वसूली पर निदेशक की ओर से नाराजगी प्रकट की गई। उन्होंने बताया कि कम राजस्व वसूली पर एक्सईएन सहित एसडीओ रुड़की रोड बिजली घर राघवेन्द्र सिंह और एसडीओ मंडी महेन्द्र कुमार सहित को चेतावनी जारी की गई। बताया कि अधिक से अधिक स्मार्ट मीटर लगाने और एप डाउन लोडिंग के निर्देश भी दिए गए। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता शहर मनोज कुमार यादव एवं अधीक्षण अभियंता देहात संजय शर्मा मौजूद रहे।