बुढ़ाना में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के आरोपों में पल्लेदारों को जेल भेजने से क्षुब्ध पल्लेदारों के परिजनों, उनके समर्थकों तथा नेताओं ने एसडीएम कार्यालय के सामने जमकर प्रदर्शन किया। उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद एसडीएम ने जेल गए पल्लेदारों को छुड़वाने का आश्वासन दिया।
उपजिलाधिकारी श्याम अवध चौहान और आपूर्ति निरीक्षक अनिल वर्मा ने मंगलवार को कस्बे के कांधला रोड पर खाली पड़े एक प्लाट में छापा मारा था। इस प्लाट में 4-5 व्यक्ति सस्ते गल्ले की राशन की दुुकान के चावल को सरकारी कट्टों से बाजार के कट्टों में बदलने का काम कर रहे थे। एसडीएम तथा आपूर्ति निरीक्षक की टीम को देखकर सभी लोग मौके से भाग गए थे। एसडीएम ने मौके से 37 बोरे सरकारी कोटे का चावल बरामद किया था।
जिलाधिकारी से हुई वार्ता के बाद एसडीएम के निर्देशों पर आपूर्ति निरीक्षक अनिल वर्मा ने पल्लेदार कस्बा निवासी रुखसार, दिनेश, अनीस, इमरान तथा कोटे के इन चावल के मालिक अशोक कुमार निवासी रायपुर अटेरना के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 में मुकदमा पंजीकृत करवाया था। पुलिस ने कस्बे के चारों पल्लेदारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
घटना से क्षुब्ध कस्बे के दो-तीन दर्जन पल्लेदारों और जेल गए पल्लेदारों के परिजन बुधवार सुबह 11 बजे तहसील मुख्यालय पहुंचे। सभी लोग एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। इनके समर्थन में उमरपुर के प्रधान अतहर हसन, डीसीडीएफ चेयरमैन सुबोध त्यागी, सपा नेता तौसीफ राही, एहतेशाम सहित कई लोग धरने पर बैठ गए। धरनास्थल पर सभी लोगों ने बताया कि इस घटना में पल्लेदार निर्दोष हैं। पल्लेदार तो पैसे लेकर मजदूरी का कार्य करते हैं।
उन्होंने कोई चोरी नहीं की। प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी से पल्लेदारों की दोषमुक्त रिहाई की मांग की। उपजिलाधिकारी ने जिलाधिकारी से वार्ता के बाद धरने पर बैठे लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि बिना खर्चे उनको रिहा कराया जाएगा। एसडीएम ने नेताओं को इस संबंध में जिलाधिकारी से भी मिलने का सुझाव दिया। एसडीएम के आश्वासन पर धरना प्रदर्शन खत्म हुआ। इस दौरान प्रताप त्यागी, गुलशाना, इमराना, राशिदा, अफसाना, राशिद फिरोज, खुशनुदा, ममता, रश्मि, महमूदा आदि मौजूद रहे।