आठ दिन से सीएए के समर्थन में भजन कर रहीं महिलाएं
देवबंद (सहारनपुर)। सांस्कृतिक एवं सामाजिक महिला संगठन प्रेरणा के बैनर तले सीएए के समर्थन में चल रहा भजन-कीर्तन कार्यक्रम रविवार को आठवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान महिलाओं ने केंद्र सरकार से जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग की।
शिक्षक नगर स्थित शिव पार्क में कार्यक्रम के दौरान राकेश सहल व रजनी राणा ने संयुक्त रुप से कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कुछ देश विरोधी ताकतें मुस्लिम महिलाओं में भ्रम फैलाकर विरोध करा रही हैं। जबकि मोदी से लेकर गृहमंत्री तक साफ कर चुके हैं कि इस कानून से किसी की नागरिकता नहीं जाएगी। धर्मवीरी ने कहा कि विरोध करना हर भारतीय नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। मगर इसके लिए कोई ठोस वजह होनी चाहिए। इस मौके पर पुष्पा गुप्ता, अंगूरी, सुधा सैनी, रजनी, कुसुम गुप्ता, मंजू शर्मा, ऊषा धीमान, डोली, शुभलेश शर्मा, स्नेहा टंडन आदि मौजूद रहीं।
धरना स्थल से तिरंगा उतरवाने की मांग
देवबंद। नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में भजन-कीर्तन कर रहीं महिलाओं ने रविवार को भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस को ज्ञापन देकर ईदगाह मैदान से लौटने वाले युवाओं पर पीएम व गृहमंत्री के प्रति अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। साथ ही तिरंगे को उतरवाने की मांग की है।
भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष गजराज सिंह राणा के नेतृत्व में कोतवाली पहुंचे भाजपाइयों ने इंस्पेक्टर यज्ञदत्त शर्मा को बताया कि कहा कि ईदगाह मैदान में सीएए के विरोध में चल रहे महिलाओं के धरना स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज लगाए गए हैं जो नियम के विरुद्ध है। वहीं, नगर में कई स्थानों पर लगाए गए राष्ट्रीय ध्वज को रात में उतारा नहीं जा रहा है। यह तिरंगे का अपमान है। साथ ही कहा कि ईदगाह मैदान से लौटने वाले कई लोग पीएम और गृहमंत्री के लिए अभद्र भाषा का इस्तेामल कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में आलोक खटीक, डोली गायल और बिजेंद्र गुप्ता आदि शामिल रहे।