मुजफ्फरनगर। स्कूटी की टक्कर मारकर रेलवे फाटक तोड़ने पर महिला को पांच हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ा। फाटक की क्षति के रूप में महिला ने पांच हजार रुपये का भुगतान कर रेलवे को दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता अग्रवाल ने जुर्म का इकबाल करने पर महिला को दोष सिद्ध करते हुए छह महीने की परिवीक्षा अवधि पर छोड़ दिया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक थाना आरपीएफ के अंतर्गत महिला रूपा ने 17 जनवरी को फाटक बंद होने पर स्कूटी से टक्कर मारकर गेट संख्या 55 एसपीएल बूम तोड़ दिया था। इस संबंध में थाने में मुकदमा कायम किया गया। रेलवे को क्षति पहुंचाने का मुकदमे का परीक्षण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां हुआ। महिला ने न्यायालय के समक्ष स्वेच्छा से मुकदमे में जुर्म का इकबाल किया। अदालत ने सुनवाई के बाद मुकदमे में महिला को दोषी माना। दोषी ने पांच हजार रुपये की क्षतिपूर्ति के रूप में 22 मई को रेलवे को भुगतान कर दिए थे। न्यायालय में रसीद दाखिल की गई।