अधिकारियों की बैठक लेते डीएम, एसएसपी।
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विधानसभा की चुनाव ड्यूटी के लिए कर्मचारियों और अधिकारियों को पत्र जारी हो गए हैं। चुनाव आयोग को ड्यूटी के लिए 20037 लोगों के नाम गए थे। इनमें स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य आपूर्ति सेवा से जुडे़ कर्मचारी और दिव्यांगों को ड्यूटी पर नहीं लिया जाएगा। जिले में 1800 महिलाएं भी इस बार ड्यूटी देंगी। ड्यूटी कटवाने के लिए झूठा बहाना नहीं चल पाएगा। आयोग का निर्देश है कि बीमारी का बहाना करने वालों की मेडिकल बोर्ड से जांच के साथ प्रशासन अपने स्तर से भी जांच कराए।
विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लगते ही चुनाव में ड्यूटी कटवाने वालों की सक्रियता भी बढ़ गई है। ड्यूटी कटवाने के लिए जिला प्रशासन के पास 3700 प्रार्थना पत्र पहुंच चुके हैं। हालांकि इस बार आयोग ने जिला स्तर पर ड्यूटी में होने वाली मनमानी रोकने के लिए सीधे विभागों से अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी मंगाई थी। इसमें 20037 अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम जिले से आयोग को पहुंचे थे।
आयोग ने साथ ही यह भी मांगा था कि जो लोग आवश्यक सेवाओं में है, महिला प्रसूति अवकाश पर हैं, दिव्यांग हैं, खाद्य आपूर्ति आदि से जुडे़ हैं वह दिए कॉलम में इसे भी भरें। जिले में 9600 कर्मचारियों को ड्यूटी जारी होनी है। इनमें 7300 से सीधे बूथों पर जाएंगे, बाकी रिजर्व में रहेंगे। सीडीओ अंकित अग्रवाल ने बताया कि ड्यूटी कटवाने के लिए 3700 के प्रार्थना पत्र हैं। इसके अलावा भी यदि कोई गंभीर बीमार है तो उसे ड्यूटी नहीं दी जाएगी।
सीडीओ ने बताया कि आयोग का सख्त निर्देश है कि झूठे बहाने पर ड्यूटी न काटें। बीमार हैं तो उसकी जांच होगी और सच्चाई का पता लगाया जाएगा। जिले में 1819 बूथ हैं, इनमें से 1800 बूथों पर महिलाओं की ड्यूटी रहेगी। इनमें अधिकतम वे बूथ है, जिन पर पर्दानशी महिलाएं वोट डालने आएंगी।