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मछली कारोबार का किंग कौन, कई राज्यों में फैला हुआ है ठेकों का धंधा      

Fri, 17 Feb 2017 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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युवती की मौत पर विलाप करते हुए बेहोश हुई सहेली। - फोटो : अमर उजाला
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पिता और पुत्र को बंधक बनाने के मामले में बेटी के आत्महत्या के बाद मछली के कारोबार से जुड़े सफेदपोशों और दबंगों का सियासी रसूख सामने आया है। कई राज्यों में फैले मछली के ठेके में जिले से भी कई साझेदार हैं और यहां के सैकड़ों लोग धंधे में लगे हैं। पीड़ित पिता और पुत्र को ललितपुर के माता टिल्ला डैम ताल बेहर में नौकरी मिली थी। पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है।       
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मछली के कारोबार का किंग कौन है, कोई नहीं जानता। यह सच है कि बीते दो साल में देश के कई राज्यों में मछली के शिकार का ठेका लिया गया। इस धंधे में जिले के सफेदपोशों का गठजोड़ सक्रिय है।  झांसी मंडल के जिला ललितपुर से उत्तराखंड के कोटद्वार तक ठेके लिए गए हैं। मोटी तनख्वाह पर रखे गए मैनेजर तालाबों से मछलियां निकलवा कर ट्रकों से लखनऊ, चंडीगढ़, देहरादून, अंबाला, जयपुर आदि महानगरों की मंडियों में बिक्री के लिए भेजते हैं। मैनेजरों के ठहरने, खाने-पीने का पूरा खर्च ठेका कंपनी उठा रही है। जिले के सैकड़ों लोग राज्यों में ठेके पर लिए गए तालाबों पर नौकरी कर रहे हैं।

ब्लू रिवोलेशन कंपनी के पार्टनर विनोद ने एसएसपी लखनऊ को दी गई तहरीर में स्वीकार किया है कि ललितपुर में शिकारमाही का ठेका उनकी कंपनी के पास है। जिसमें देव प्रकाश पुत्र रामस्वरूप निवासी  अंकित विहार कर्मचारी है, जो पांच फरवरी को लखनऊ की दुबग्गा मंडी के आढ़ती सूरज सिंह की आढ़त पर रहा और तीन लाख का पेमेंट लेकर ललितपुर के लिए चला था। ग्रेजुएशन की छात्रा महिमा के खुदकुशी करने के मामले में पुलिस की लापरवाही भी कम नहीं है। पार्टनर विनोद ने एसएसपी लखनऊ मंजिल सैनी से देव प्रकाश और नगदी को बरामद कराने की मांग की थी। इधर, जिले में कप्तान बबलू कुमार को संजो देवी ने तहरीर देकर पति और बेटे को दबंगों से रिहा कराने की मांग की।
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सवाल यह है कि लखनऊ से ललितपुर नहीं पहुंचा देवप्रकाश कैसे दबंगों के चंगुल में आ गया। जब आरोपी पिता था तो पुत्र अक्षय को बंधक क्यों बनाया गया। लखनऊ आढ़ती से ली गई तीन लाख की रकम पुलिस अभी तक बरामद क्यों नहीं कर पाई। यह भी हो सकता है कि मछली बिक्री की रकम ज्यादा हो, लेकिन भारत सरकार के निर्देशों की वजह से केवल तीन लाख का नगद भुगतान दिखाया गया हो। मछली के धंधे का सियासी कनेक्शन सामने आने के बाद लखनऊ से दिल्ली तक पूरा प्रकरण सुर्खियों में है।       
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