ूक्रेन से देवबंद में परिजनों के बीच पहुंचा लहसवाड़ा का युवक अबुबकर
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देवबंद (सहारनपुर)। यूक्रेन में फंसे देवबंद के कई लाड़ले सोमवार को सकुशल अपने घर लौट आए। अपने जिगर के टुकड़ों के वापस लौट आने से उनके परिवारों में खुशी की माहौल है। परिजनों ने केंद्र सरकार से यूक्रेन में फंसे सभी भारतीय नागरिकों को सकुशल स्वदेश वापस लाने की मांग की है।
मोहल्ला लहसवाड़ा निवासी दिलशाद का पुत्र अबुबकर, कायस्थवाड़ा निवासी भाई बहन तालिब व सदफ और गांव फुलास अकबरपुर निवासी अजमल यूक्रेन स्थित उजहोर्ड नेशनल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। रविवार देर रात चारों छात्र अपने घर देवबंद लौट आए। उक्त सभी छात्रों ने बताया कि यूक्रेन के पड़ोसी देश हंगरी के बॉर्डर से उनकी फ्लाइट थी। वे रविवार को दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचे। वहां से कार द्वारा देर रात्रि में देवबंद पहुंचे। छात्रों ने बताया कि रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद से वह यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में थे। बॉर्डर तक पहुंचने में उन्हें मात्र 10 किलोमीटर बस का सफर तय करना पड़ा। उन्होंने बताया कि उनके वहां रहने के दौरान उजहोर्ड शहर में कहीं भी बमबारी नहीं हुई।
केंद्र सरकार का आपरेशन गंगा अभियान सराहनीय
देवबंद लौटे छात्रों ने कहा कि यूक्रेन में फंसे बच्चों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहा गंगा आपरेशन अभियान सराहनीय है। जहां वह निशुल्क यात्रा कर अपने परिवार के बीच पहुंचे हैं। छात्रों का कहना है कि यूक्रेेन के खारकीव और कीव शहर में फंसे छात्र बहुत मुश्किल में हैं। केंद्र सरकार को सभी छात्रों को सकुशल निकाल उनके परिवारों तक पहुंचाना चाहिए।
यूक्रेन से लौटे बेटे तालिब व बेटी सदफ को दुलारते पिता- फोटो : DEVBAND
यूक्रेन से लौटा फुलास निवासी अजमल- फोटो : DEVBAND