कायर डॉ. नवाज देवबंदी
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देवबंद। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के पूर्व चेयरमैन एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा की रक्षा स्वयं करनी होगी। अपनी भाषा, संस्कृति की रक्षा और उसको बढ़ाना देने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
उर्दू दिवस के अवसर पर दिए बयान में डॉ. नवाज देवबंदी ने कहा कि बच्चों को किसी भी स्कूल, कॉलेज में भेजें, लेकिन याद रखें कि उन्हें उर्दू जरूर पढ़ाएं। क्योंकि हमारे बुजुर्गों ने बड़ी कुर्बानियां देकर उर्दू की हिफाजत की और उसे हम तक पहुंचाया। इसलिए अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम बुजुर्गों की इस अमानत को पहले से बेहतर तरीके से अपनी पीढ़ियों तक पहुंचाएं। नवाज देवबंदी ने सभी से अपील करते हुए कहा कि विश्व उर्दू दिवस के अवसर पर उर्दू लिपि को अपनाने का संकल्प लें साथ ही उर्दू प्रेमी और उर्दू प्रशंसक सभी शहरों और प्रांतों में उर्दू दिवस के अवसर पर लोगों से उर्दू पढ़ने और बोलने तथा उर्दू लिपि को अपनाने पर जोर दें। तभी हम उर्दू का हक अदा कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आज जब उर्दू दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी भाषा है, तो नई पीढ़ी को अपनी राष्ट्रभाषा सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।