पुरकाजी में सोलानी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांव जलमग्न हो गए हैं। नतीजतन आवाजाही भी प्रभावित हो गई है। जान बचाने के लिए ग्रामीण छत पर अपना समय व्यतीत कर रहे हैं। जलभराव में ग्रामीणों के दुपहिया, चौपहिया वाहन फंस गए हैं। गांव के अंदर कई फीट पानी भरने से पशुओं का चारा लाने से भी ग्रामीण कतरा रहे हैं।
शुक्रवार की सुबह से हो रही बारिश ने रिकार्ड तोड़ दिया। रविवार को शिवालिक की पहाड़ियों से क्षेत्र में अधिक पानी छोड़े जाने से खादर में बाढ़ के हालत बन गए हैं। गांव रामनगर, रजगल्लापुर, पांचली, भदौला, दादूपुर आदि दर्जनों गांव में दिनचर्या बेपटरी हो गई है। गांव गलियों से लेकर खेतों में कई फीट पानी चढ़ गया है। मुख्य मार्गों पर जलभराव होने से आवागमन थम गया है। ग्रामीण चारा लेने तक जंगलों में नहीं जा रहे हैं। पुरकाजी लक्सर मार्ग पर शेरपुर के रपटे पर जलभराव होने से दुपहिया, चौपहिया वाहन फंस गए हैं।
ग्रामीण राजेंद्र, बलविंद्र सिंह, रिंकू, सतनाम, गुरनाम आदि ने बताया कि रविवार से ही पानी की मात्रा अधिक बढ़ी है, जिसके चलते हालात विकट हो गए हैं। जरूरत का सामान लेने के लिए भी मुश्किलें खड़ी हो गई है। बच्चों से लेकर बड़े घरों में कैद हो गए हैं। रात्रि में पानी बढ़ने के डर से ग्रामीण छतों पर समय बीता रहे हैं। रालोद नेता धर्मेंद्र राठी ने क्षेत्र में पहुंचकर ग्रामीणों और किसानों की फसलों के होने वाले नुकसान की भरपाई कराने का भरोसा दिलाया।
स्कूल में भरा पानी
पुरकाजी। बारिश व सोलानी नदी के पानी से गांव रजगल्लापुर, भदौला आदि के प्राथमिक स्कूलों में पानी भर गया। जलभराव होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो गई है। रास्ते पूरी तरह बंद हो जाने पर बच्चों स्कूलों में नहीं पहुंच रहे हैं।
नाव नहीं होने से ग्रामीण परेशान
पुरकाजी। बाढ़ के दिनों में प्रशासन द्वारा क्षेत्र में मात्र एक नाव लगाई गई थी। यह अरसे से टूटी पड़ी है। इससे ग्रामीणों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मामले को लेकर ग्रामीण राजू प्रजापति, सोमपाल, गुरमीत सिंह, जगतार सिंह, रजनीश, मोनू आदि ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन नाव का इंतजाम नहीं कर पाया है। इस संबंध में तहसीलदार सदर रंजीत सिंह ने बताया कि नाव टूट जाने की जानकारी मिली है। जल्द ही दूसरी नाव का इंतजाम कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।