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फसलें जलमग्न, गांवों में घुसा पानी

Tue, 19 Jul 2016 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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शुक्रताल खादर से गांव छोड़कर आए ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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खादर क्षेत्र में लगातार पानी बढ़ने से बाढ़ के आसार बन गए हैं। कई गांवों में पानी आ जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। वहीं कुछ गांवों में ज्यादा पानी आ जाने से ग्रामीण घरों की छतों और ऊपरी मंजिल पर जाकर रह रहे हैं। 
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सोमवार को पुरकाजी लक्सर मार्ग पर गांव झबरपुर से बढ़ीवाला तक रपटों पर करीब दो से चार फुट तक पानी आ गया। जिससे पैदल और दुपहिया वाहन से चलने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं क्षेत्र के कई गांवों में सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद हो जाने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित रही। कुछ गांवों में तो ज्यादा पानी आ जाने घबराए ग्रामीणों ने जंगल में इकट्ठा होकर बंद लगाकर पानी को रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन पानी के तेज बहाव के आगे ग्रामीण बेबस नजर आए।

भदौला, पांचली, शेरपुर नंगला, रामनगर, चानचक आदि के ग्रामीण सरदार कुलदीप व्रिक, सतनाम, राजेंद्र पांचली, राजू प्रजापति, गुरुनाम, बलकार सिंह आदि ने बताया कि पानी के हालात बेहद खराब हैं और अगर रात में पानी बढ़ गया तो ग्रामीणों को भारी नुकसान हो सकता है। 
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 उधर, एसडीएम सदर श्याम अवध चौहान का कहना है कि ग्रामीणों के आने जाने के लिए वहां पर एक नाव का बंदोबस्त करा दिया गया है। जरूरत पड़ी तो एक नाव और लगा दी जाएगी। कर्मचारी क्षेत्र में तैनात रहकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं  और ग्रामीणों की हरसंभव मदद का प्रयास किया जा रहा है।

दर्जनों किसानों की फसलें बर्बाद
पुरकाजी। गांव शकरपुर में रविवार शाम रजवाहा टूट जाने से गांव के दर्जनों किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ने की फसल बर्बाद हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी सिंचाई विभाग का कोई कर्मचारी गांव में नहीं पहुंचा। पूर्व प्रधान ओम सिंह ने बताया कि रजवाहा टूटने से पानी खेतों में भर गया है और लगातार बारिश होने से  पानी की निकासी नहीं हो पाएगी, जिससे पानी खेतों में ही भरा रहने के चलते खेतों में खड़ी गन्ने की फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने बताया कि विजयपाल, शिवनंदन, गोकुल, नकली, जोनी, विनीत, प्रमोद, योगेश आदि किसानों की करीब 250 बीघा गन्ने की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।

गंगा उफनी, खतरे के निशान पर पहुंची 
मीरापुर।  हरिद्वार से एक लाख 60 हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़े जाने  के बाद गंगा बाढ़ की चेतावनी बिंदु के निकट बह रही है। बाढ़ की आशंका को लेकर रामराज खादर क्षेत्र के एक दर्जन गांव से पलायन शुरू हो गया है।

एसडीओ सिंचाई विभाग रविन्द्र कुमार ने बताया कि गंगा का जलस्तर 220-5 चेतावनी बिंदु पर बह रहा है। जलस्तर बढ़ने से रामराज खादर क्षेत्र के गांव  अहमदवाला, हंसावाला, शाहपुर, अल्लुवाला, इशाकवाला, माटाफार्म, महमूदपुर, बहादरपुर, चूहापुर आदि गांवों में बाढ़ की संभावना की चेतावनी दी गयी है। बाढ़ की संभावना को देखते हुए धीरे-धीरे गांवों से पलायन शुरू हो गया है। उधर,  एसडीएम जानसठ उमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रशासन बाढ़ की संभावनाओं को  देखते हुए पूरी तरह चौकन्ना है। और सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया  है। 

मोरना खादर में भी बाढ़ के हालात बने
शुक्रताल खादर क्षेत्र में भी  गंगा ने अपना रोद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बाढ़ की आशंका बनने से ग्रामीणों ने पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे है। लगातार गंगा में जल स्तर बढने के कारण शुक्रताल गंगा घाट को पानी ने घेर लिया है।  

शुक्रताल, मजलिसपुर तोफीर, महाराज नगर, नया गांव, सिताबपुरी आदि के गंगा खादर के इलाके को पीछे बहकर आये पानी ने अपने चपेट में ले लिया है। इच्छावाला में  पानी अचानक घरों में घुसने के कारण ग्रामीण अपने परिवारों के साथ शुक्रताल में पनाह लिए हुए है। 
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