मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण काल के बाद लाइसेंस के लिए घटाए गए स्लॉट आवेदकों के लिए मुसीबत बन गए हैं। परमानेंट लाइसेंस के लिए स्लॉट जुलाई महीने के बुक हो रहे हैं। छह से सात हजार आवेदन लंबित है। जिन आवेदनकर्ताओं का लर्निंग लाइसेंस 22 जुलाई तक वैध है, उन्हें परमानेंट लाइसेंस स्लॉट की ऑनलाइन तिथि नहीं मिल पा रही। सैकड़ों आवेदनकर्ता तो ऐसे भी है, जिनका स्लॉट के फेर में लाइसेंस बनवाने का समय निकल गया है, अब उन्हें लर्निंग लाइसेंस की दोबारा फीस जमा करानी पड़ेगी। सबसे ज्यादा परेशानी सरकारी या फिर बाहर नौकरी करने वाले आवेदनकर्ताओं को हो रही है।
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ये है प्रक्रिया
लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर चार-पांच दिन बाद एआरटीओ कार्यालय में फोटो खिंचवाने व टेस्ट की प्रक्रिया आवेदनकर्ताओं को पूरी करनी होती है। पास होने पर लर्निंग लाइसेंस जारी होता है। इसे 30 दिन के बाद व छह माह तक परमानेंट कराने के ?लिए आवेदन करना होता है।
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परमानेंट कराने को तीन माह की वे?टिंग
लर्निंग से परमानेंट लाइसेंस बनवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही हैं, क्योंकि इसके लिए भी टेस्ट देना होता है। फीस जमा कराने के बाद टेस्ट होगा, उसके लिए एक माह बाद की तिथि दी जा रही है। जबकि जिस दिन से लर्निंग लाइसेंस बना है, उससे छह माह के अंदर लाइसेंस बनवाना जरूरी है। छह माह का समय टेस्ट देने के लिए मिलने वाली तिथि के फेर में समाप्त हो रहा है। तीन माह की वेटिंग लगी है। जिस कारण आवेदन करने वाले युवक को परेशानी उठानी पड़ रही है।
300 रुपये का आर्थिक नुकसान
लर्निंग लाइसेंस बनवाने के बाद परमानेंट लाइसेंस प्राप्त करने के लिए एक हजार फीस जमा करानी होती है। जब स्लॉट मिलने के बाद भी समयावधि निकल जाती है तो आवेदनकर्ता को पुन: परमानेंट लाइसेंस के लिए लर्निंग लाइसेंस रीनिवल की फीस तीन सौ रुपये जमा कराने होते है। इस तरह आवेदनकर्ता को यह आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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काटे जा रहे चालान
जिन युवकों ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया है, लेकिन टेस्ट की तिथि नहीं मिल रही है। इन आवेदनकर्ताओं को चेकिंग के दौरान यातायात पुलिस व परिवहन अधिकारी से कोई राहत नहीं मिल रही।
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कोट...
प्रदेश मुख्यालय से ही स्लाट बंद है, इसलिए यह परेशानी हो रही है। -अनुराग वर्मा, आरआई, परिवहन विभाग।