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ग्रामीणों का हंगामा, बिजलीघर पर तालाबंदी की

Tue, 12 Jun 2018 12:51 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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बिजलीघर पर हंगामा करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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शाहपुर क्षेत्र के गांव काकड़ा में करंट लगने से एक भैंसें की मौत हो गई। गनीमत है कि दो कबड्डी खिलाड़ी बाल-बाल बचे। गुस्साए ग्रामीणों ने बिजलीघर की तालाबंदी कर घंटों हंगामा किया। सूचना पर एसडीओ बिजलीघर पर पहुंचे और पीड़ित किसान को मुआवजा दिलाए जाने के साथ दोषी कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। किसान ने विद्युत विभाग के एसएसओ के विरुद्ध थाने पर मुकदमा दर्ज कराया। 
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शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव काकड़ा में सोमवार की सुबह गांव के दो कबड्डी खिलाड़ी हिमांशु और विराट गांव के ही सुखपाल पुत्र श्याम सिंह का भैंसा बुग्गी लेकर खेत पर जा रहे थे। रास्ते में अचानक उन्हें करंट लगने का एहसास हुआ। देखा कि भैंसा भी विद्युत करंट की चपेट में आ रहा है।

वह अपनी जान बचाने के उद्देश्य से बुग्गी से नीचे कूद कर खेतों में घुस गए। हाईटेंशन लाइन के करंट से भैंसा बुरी तरह जख्मी हो गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दोनों युवकों ने इसकी सूचना अपने परिजनों के साथ अन्य ग्रामीणों को दी। इसके बाद सैकड़ों ग्रामीण परिजनों के साथ गांव में स्थित बिजलीघर पर पहुंचे, जहां उन्होंने वहां तैनात एसएसओ से विद्युत लाइन चालू करने की जानकारी लेनी चाही, तो एसएसओ ने ग्रामीणों को बताया कि उसने कोई विद्युत लाइन चालू नहीं की है।
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ग्रामीणों ने कहा कि उक्त विद्युत लाइन रविवार को खराब हो गई थी, जिसके बाद से उक्त लाइन को बंद कर दिया गया था। इसके बाद  एसएसओ ने विद्युत लाइन को चालू कर दिया, जिससे करंट फैल गया और उनके भैंसें की मौत हो गई। एसएसओ द्वारा सही जवाब नहीं देने से ग्रामीणों में रोष उत्पन्न हो गया और वह शाहपुर थाने पहुंचे।

एसएसओ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद सभी ग्रामीण बिजली घर पहुंचे, जहां बिजलीघर की तालाबंदी कर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस बिजलीघर पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों से धरना प्रदर्शन समाप्त करने की बात कही।

पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ केके त्यागी घटनास्थल पर पहुंचे और मृत भैंसें का पोस्टमार्टम किया। ग्रामीण बिजलीघर पर धरना प्रदर्शन करते रहे। सायंकाल करीब छह बजे विद्युत निगम के एसडीओ प्रशांत कांत धरनारत  ग्रामीणों के बीच पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से घटना  की जानकारी लेते हुए आश्वासन दिया कि पीड़ित ग्रामीण को मुआवजा दिलाया जाएगा। एसडीओ के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। इस दौरान काफी ग्रामीण मौजूद रहे। 
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