मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली पुलिस ने नौकरी लगवाने का झांसा देकर फर्जी मार्कशीट, सनद आदि प्रमाणपत्र बनाकर देने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दर्जनों मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, सनद आदि फर्जी प्रमाणपत्र तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के अधिकृत लैटर व अन्य कागजात बरामद किए हैं। गिरोह के दो सदस्यों की पुलिस को तलाश है। इनमें प्रयागराज स्थित उप्र राज्य मुक्त विद्यालय परिषद का एक कर्मचारी भी शामिल है।
एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि शहर कोतवाली टीम ने बृहस्पतिवार रात रुड़की रोड पर यूनिक प्लाजा में स्थित एक कार्यालय से उत्तरी लद्धावाला निवासी मोहम्मद हसीन और रहमतनगर खालापार निवासी शादाब को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस ने मौके से 13 माइग्रेशन सर्टिफिकेट, फर्जी 11 मार्कशीट, छह सनद, प्रिंटर, लैपटाप और कई विश्वविद्यालयों के अधिकृत लैटर बरामद किए हैं।
- विद्यालय परिषद का कर्मचारी भी गिरोह में शामिल
एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार युवकों ने उप्र राज्य मुक्त विद्यालय परिषद के एक कर्मचारी शांतिपुरम प्रयागराज निवासी राकेश नामक कर्मचारी से संबंध बनाया हुआ है, जो फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों को असली दिखाने के लिए उन्हें परिषद की सरकारी वेबसाइट पर अपलोड करा देता है। इसके अलावा इस गिरोह का थानाभवन के गांव सोहजनी निवासी अब्दुल रहीम भी सदस्य है। राकेश व रहीम की तलाश की जा रही है। राकेश की गिरफ्तारी को लिए दो टीम प्रयागराज भेजीं हैं। इस मामले में अभी जांच चल रही है।
- बनाया है गिरोह
इन लोगों ने एक बड़ा गिरोह बनाया है। जो अनपढ़ लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उन्हें फर्जी मार्कशीट, सनद आदि प्रमाणपत्र बनाकर देते हैं। यदि किसी को पिछले दस साल पहली मार्कशीट भी चाहिए होती है तो यह काम भी मोटी रकम लेकर किया जाता है। एक युवक से चालीस हजार रुपये तक वसूल किए जाते हैं। ये लोग गांव देहात में घूम-घूम कर व प्रचार प्रसार कर युवकों को फंसाते हैं।
- पीडि़त ने लिखाया था मुकदमा
गुलनवाज निवासी दक्षिणी खालापार ने चार अक्तूबर को नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित का आरोप था कि कुछ लोगों ने नोएडा में नौकरी लगवाने का झांसा लेकर उससे 18 हजार रुपये लेकर 10 वीं की फर्जी मार्कशीट बनाकर दी थी।