मंसूरपुर के गांव दुधाहेड़ी में आयोजित कृषक गोष्ठी में मौजूद किसान।
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गांव दुधाहेड़ी में संजीव राठी के आवास परिसर में किसान गोष्ठी में किसानों को गन्ने की फसल से संबंधित जानकारियां देते हुए आह्वान किया कि किसान रासायनिक खादों का कम प्रयोग करें, साथ ही सहफसली खेती कर अधिक लाभ कमाएं। शुगर मिल की ओर से किसानों को खेतों में डालने के लिए मुफ्त खाद दी जा रही है।
गन्ना महाप्रबंधक बलधारी सिंह तथा गन्ना प्रबंधक प्रदीप राठी ने कहा कि किसान गन्ने में लगने वाले रोग रेड रॉट से बचाव हेतु अच्छा बीज गन्ने की नर्सरी में तैयार करें। अच्छी उपज के लिए अगैती प्रजाति का गन्ना ही बोए। गन्ना बुवाई के लिए ट्रेंच विधि का प्रयोग करें। रासायनिक खादों का कम प्रयोग कर जैविक खादों का प्रयोग अधिक करें। समय-समय पर मृदा परीक्षण करा कर मिट्टी में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी को पूरा करते रहें।
अधिक पैदावार के लिए सहफसली खेती करें। गन्ने की फसल में किसान अधिक सिंचाई न करें, अधिक सिंचाई करने से गन्ने की फसल में कीड़े वे रोग लगने की संभावना अधिक रहती है। शुगर मिल के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार दीक्षित ने बताया कि शुगर मिल द्वारा तीन दिसंबर तक खरीदे गए गन्ने का 17 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है।