चंदेना कोली में नूनाबड़ी मार्ग पर आरआरसी के निर्माण का विरोध करते वाल्मीकि समाज के लोग
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देवबंद (सहारनपुर)। चंदेना कोली गांव में बनाए जाने वाले कूड़ा संग्रह केंद्र, आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) का बृहस्पतिवार को वाल्मीकि समाज के लोगों ने विरोध करते हुए हंगामा किया। उनका कहना था कि
उनके श्मशान की भूमि पर आरआरसी का निर्माण कराया जा रहा है जो गलत है।
बृहस्पतिवार की सुबह ग्राम प्रधान राजकरण जैसे ही जेसीबी लेकर गांव के बाहर स्थित नूनाबड़ी मार्ग पर कूड़ा संग्रह केंद्र, आरआरसी के निर्माण की खुदाई कराने पहुंचे तो पता चलते ही वाल्मीकि समाज के लोगों में रोष फैल गया। क्योंकि जिस जगह पर आरआरसी बनाया जाना है उस भूमि को वाल्मीकि समाज के लोग अपना शमशानघाट होना बता रहे हैं। वाल्मीकि समाज के बाबूराम, राजकुमार, पिंटू, जितेंद्र, रोहित, राहुल व अरविंद कुमार ने ग्राम प्रधान पर गलत तरीके से उनके श्मशानघाट की भूमि पर आरआरसी का निर्माण करवाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि लंबे समय से वह अपने मृत लोगों का इसी भूमि पर अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं। यदि इस भूमि पर आरआरसी का निर्माण कर दिया गया तो वह अपने समाज के मृत लोगों का अंतिम संस्कार कहां करेंगे। इसको लेकर ग्राम प्रधान और वाल्मीकि समाज के लोगों में काफी देर तक कहासुनी हुई।
वहीं, ग्राम प्रधान राजकरण ने बताया कि जिस जगह को वाल्मीकि समाज अपने श्मशान की भूमि बता रहा है वह ग्राम समाज की है। यहीं पर आरआरसी बनाया जाएगा। वाल्मीकि समाज के श्मशानघाट के लिए अलग से जगह आवंटित की जाएगी जिसका करीब 25 लाख रुपये का प्रपोजल बनाकर अधिकारियों के माध्यम से शासन को भेजा गया है। यही किसी व्यक्ति को कोई आपत्ति है तो वह अधिकारियों के सामने जाकर समस्या रख सकता है।