मुजफ्फरनगर। राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए बजट को उद्यमियों की ओर से सराहा जा रहा है। उद्यमियों के अनुसार बजट एमएसएमई और स्टार्ट अप संस्कृति को बढ़ावा देने वाला है। बजट के प्रावधानों से झलकता है कि एमएसएमई सेक्टर को विकास की मुख्यधारा में लाने का स्पष्ट प्रयास किया जा रहा है। उद्यमियों की ओर से राज्य सरकार की घोषणाओं पर समय से क्रियान्वयन की आशा जताई गई है।
बजट 2026-27 पर उद्यमियों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया दी गई है। उद्यमियों का मानना है कि नए बजट में युवा उद्यमिता, उद्योग विस्तार और रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है।
घोषणाएं जमीनी उद्यमियों को प्रोत्साहन देने वाली : कुशपुरी
आईआईए के राष्ट्रीय सचिव कुशपुरी का कहना है कि राज्य बजट-2026 में एमएसएमई के लिए की गई घोषणाएं जमीनी उद्यमियों को प्रोत्साहन देने वाली हैं। युवा उद्यमी योजना और रोजगार सृजन पर फोकस सराहनीय है। कहा कि उनका मानना है कि बिजली दर, कर प्रक्रियाओं और स्थानीय स्तर पर उद्योग-अनुकूल वातावरण को और सशक्त किया जाए, ताकि छोटे उद्योग तेजी से आगे बढ़ सकें।
प्रावधान उद्योग जगत के लिए सकारात्मक संकेत : पवन
आईआईए डिविजनल सेक्रेट्री पवन गोयल का कहना है कि बजट-2026 एमएसएमई और स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा देने वाला है। वित्तीय सहायता, कौशल विकास और क्लस्टर आधारित विकास की दिशा में किए गए प्रावधान उद्योग जगत के लिए सकारात्मक संकेत हैं। अब आवश्यकता है कि छोटे उद्यमों को आसान ऋण, सरल अनुपालन और समय पर भुगतान जैसी व्यावहारिक सुविधाएं तेजी से उपलब्ध कराई जाएं।
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी और रोजगार पर जोर: विपुल
आईआईए के पूर्व चेयरमैन विपुल भटनागर का कहना है कि अब बजट में सरकार मंझोले, लघु व मध्यम उद्योगों के उत्थान व आज के परिवेश में देश व प्रदेश के समग्र विकास में एमएसएमई की भागीदारी मानने लगी है। उनके लिए नई योजनाओं का प्रावधान करने लगी है, ये सराहनीय है। लेकिन नियमों का सरलीकरण व इनका धरातल पर समयबद्ध क्रियान्वयन बहुत आवश्यक है।
इस बार बजट में शिक्षा स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीकी और रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है जो स्वागत योग्य है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी व कौशल विकास में किए प्रावधान अनुसंधान में सहायक होने और नए रोजगार सृजन करेंगे।