Muzaffarnagar News: शाहपुर पुलिस ने कसेरवा पुलिया पर चेकिंग के दौरान अवैध शस्त्रों की सप्लाई देने जा रहे सरगना मेरठ निवासी तालिब समेत चार बदमाशों को पकड़ लिया। ये लोग मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर समेत आसपास के राज्यों में हथियारों की सप्लाई करते हैं।
कार में सवार होकर पंचायत चुनाव के मद्देनजर अवैध शस्त्रों की सप्लाई देने जा रहे गिरोह के सरगना सहित चार सदस्यों को शाहपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनसे सात पिस्टल, तीन तमंचे व छह कारतूस बरामद किए गए। गिरोह के एक सदस्य की तलाश है। मेरठ निवासी गिरोह के सदस्य मुंगेर व मेरठ से खरीद कर दिल्ली, मुजफ्फरनगर, शामली सहित कई जिलों में मांग के अनुसार अवैध शस्त्रों को बेचते थे।
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एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि शाहपुर एसओ गजेंद्र सिंह व पुलिस टीम देर रात कसेरवा पुलिया पर चेकिंग कर रही थी। अवैध शस्त्रों की सप्लाई देने के लिए जाने वाले गिरोह के आने की सूचना पर पलड़ी नहर पुलिया पर एक कार को रोकने चाहा लेकिन चालक ने कार को दौड़ा दिया। घेराबंदी कर कार को पकड़ लिया।
कार में बैठे मेरठ निवासी गिरोह के सरगना तालिब सहित चार लोगों को पकड़ा गया। तलाशी में अवैध शस्त्र बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया है कि वे अवैध शस्त्र बेचते हैं। वे पंचायत चुनाव के मद्देनजर अवैध शस्त्रों की सप्लाई देने जा रहे थे। पंचायत चुनाव आने वाले हैं। ऐसे में अवैध शस्त्रों की मांग बढ़ जाती है। वह मोटा मुनाफा लेकर शस्त्र बेचते हैं। एक आरोपी की अभी पुलिस को तलाश है। उसे गिरफ्तार कर जल्द ही अवैध शस्त्रों की बड़ी खेप बरामद की जाएगी।
गिरोह के सरगना को पूर्व समय दिल्ली की जामिया नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जमानत पर आने के बाद फिर से यह धंधा करने लगा था। एसएसपी ने बताया कि 16 सितंबर 2025 से अब तक एसपी देहात के नेतृत्व में चार सौ शस्त्र बरामद किए। ग्रामीण व 20 नगरीय क्षेत्र में बरामदगी हुई है। 475 लोगों को पकड़ा गया। 309 मुकदमे हुए। दो तमंचा फैक्टरियां पकड़ी गईं। 723 कारतूस बरामद हुए। जिले में जो अवैध शस्त्र बरामद हुए, उनमें 80 प्रतिशत देहात क्षेत्र से बरामद हुए हैं। यह गिरोह चार साल से यह काम कर रहा है। प्रेसवार्ता में एसपी देहात आदित्य बंसल, सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह व एसओ शाहपुर भी मौजूद रहे।
कम समय में मोटा मुनाफा कमाने के लिए बनाया था गिरोह
एसएसपी ने बताया कि सरगना तालिब कक्षा बारह तक पढ़ा है। वह तीस बीघा जमीन का काश्तकार व दूध की डेयरी का कारोबारी है। उसने कम समय में मोटा मुनाफा कमाने के लिए यह गिरोह बनाया था। एसएसपी ने बताया कि गिरोह के गिरफ्तार सदस्य फरहान और आकिल ममेरे फुफेरे भाई हैं। आकिल कक्षा आठ व फरहान कक्षा बारह तक पढ़ा हुआ है। शाहरुख मेरठ कचहरी में काम करता है। वह अपने साथियों को कानूनी सहायता दिलाता है। शस्त्रों को भी अपने पास रखता था। बरामद कार पर भाजपा का स्टीकर लगा था। उनकी जांच की जा रही है। यह गिरोह इतना शातिर है कि शस्त्र खरीदने की बात करने वाले व्यक्ति के बारे में जब तक पूरी तरह जांच नहीं कर ली जाती थी, तब तक वह शस्त्र नहीं बेचते थे।
70 हजार में पिस्टल, 10 हजार में बेचते थे तमंचा
यह गिरोह बिहार के मुंगेर के अलावा मेरठ से भी शस्त्र खरीदता था। एक पिस्टल 40 हजार रुपये में खरीदकर 65 से 70 हजार रुपये तथा तमंचा छह हजार रुपये में खरीदकर 10 हजार रुपये में बेचते थे। दिल्ली के अलावा शामली, सहारनपुर, बिजनौर व मुजफ्फरनगर आदि जनपदों में सप्लाई करते हैं।
इन्हें किया गिरफ्तार
मेरठ के थाना लोहिया नगर के हाजीपुरा निवासी आकिल, घोसीपुरा निवासी फरहान, नरवाडा निवासी मोहम्मद तालिब व थाना देहली गेट के फैयाज अली निवासी शाहरुख को गिरफ्तार किया।