- 17 जुलाई को आए निचली अदालत के फैसले के खिलाफ याचिका की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। आचार संहिता उल्लंघन के मामले में भाजपा के पूर्व विधायक उमेश मलिक पर लगाए गए एक हजार रुपये के जुर्माने के खिलाफ जिला जज की अदालत में याचिका दाखिल की जाएगी। बचाव पक्ष निचली अदालत के फैसले का विरोध करेगा।
भाजपा ने 2017 के चुनाव में बुढ़ाना विधानसभा सीट से उमेश मलिक को प्रत्याशी घोषित किया था। 21 जनवरी 2017 को नामांकन दाखिल करने के दौरान उन पर धारा 144 के उल्लंघन में परिवाद दाखिल किया गया था। प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायालय (एमपी/एमएलए कोर्ट) के पीठासीन अधिकारी मयंक जायसवाल ने की। अदालत ने पूर्व विधायक पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया था। बचाव पक्ष ने अर्थदंड जमा किया, जिसके बाद विधायक को जमानत मिल गई थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्यामवीर सिंह ने बताया कि जिला जज की अदालत में याचिका दाखिल की जाएगी।
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क्या था मामला
भाजपा प्रत्याशी उमेश मलिक नामांकन के दौरान थाना सिविल लाइन्स क्षेत्र में महावीर चौक से कलेक्ट्रेट के प्रकाश चौक गेट की तरफ पहुंचे थे। इस दौरान नारेबाजी हुई। ढोल और लाउडस्पीकर बजाए गए। १००-१५० समर्थक साथ थे। पुलिस ने समर्थकों को गेट पर ही रोक दिया और भाजपा प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल किया। पुलिस ने मजिस्ट्रेट को मामले की जानकारी दी। इसके बाद परिवाद दाखिल किया गया था।