सीएचसी में आठ साल से जंक खा रही अल्ट्रासाउंड मशीन
- रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक के न होने से बाहर कराना पड़ता है अल्ट्रासाउंड
- लोगों ने सरकार से की सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट का खाली पद भरने की मांग
देवबंद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब आठ साल पहले मंगवाई गई अल्ट्रासाउंड मशीन कमरे में धूल फांक रही है। इसका कारण है कि मशीन को ऑपरेट करने के लिए सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक नहीं है। इसका खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं।
गुर्दे और पित्त की थैली की पथरी के मरीजों के अलावा गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड कराने को स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई थी। लेकिन डा. वाई.डी.शर्मा के स्थानांतरण के बाद अस्पताल में किसी भी रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो पाई। करीब आठ साल से अल्ट्रासाउंड मशीन कमरे में बेकार पड़ी है। अधिवक्ता मनोज सिंघल, विवेक तायल, संदीप सिंघल, उद्यमी अय्यूब बेग, जर्रार बेग और आरिफ अंसारी आदि ने कहा कि सरकारी अस्पताल में अधिकांश गरीब मरीज उपचार कराने आते हैं। लेकिन अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक नहीं होने से गरीब मरीजों को महंगी फीस देकर निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है। मरीजों की परेशानी को देखते हुए सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक के खाली पड़े पद को भरने की मांग की है।
पद भरने के संबंध में विभाग को कई मर्तबा लिखे पत्र
सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक के खाली पड़े पद को भरने के संबंध में विभाग को कई मर्तबा पत्र लिखे गए हैं। लेकिन अब तक विभाग की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। लेकिन हमारे प्रयास जारी हैं।
-डा. इंद्राज सिंह, अधीक्षक सीएचसी देवबंद