स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की कमी के चलते संसाधनों पर ताला पड़ने लगा है। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण अल्ट्रासाउंड की दो मशीनों को सील किया गया है। अब अस्पताल में केवल दो मशीनों पर अल्ट्रासाउंड किए जाएंगे। इससे स्थिति बेकाबू होने होगी। इस बाबत अधिकारियों ने शासन को पूरी परिस्थितियों से अवगत कराया है। हालांकि सील की गई मशीनों की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी गई है।
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत चार मशीनें लगी हुई है। विभाग के पास दो ही रेडियोलॉजिस्ट डॉ विनीत कौशिक और डॉ संजीव गुप्ता तैनात हैं। अस्पताल में दो ही मशीनों पर कार्य होता है, जबकि दो मशीनें अक्सर बंद रहती है।
कई बार रेडियोलॉजिस्ट के लिए शासन को पत्र भेजे गए, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसके चलते मशीनों के दुरुपयोग होने की संभावना को देखते हुए सील लगाई गई है। पूरे मामले को डीएम जीएस प्रियदर्शी के संज्ञान में डाला गया है।
शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड विभाग में रखी दो मशीनों को सील किया है। अब अस्पताल में दो मशीनों पर अल्ट्रासाउंड होगा। पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ एसके अग्रवाल ने अस्पताल में चार मशीन हैं, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट दो हैं। ऐसे में दो मशीनों पर ताला लगाया गया है, ताकि इनका कोई दुरुपयोग ना हो सके।
30 अल्ट्रासाउंड होते हैं रोजाना
मुजफ्फरनगर। अस्पताल में रोजाना 30 से अधिक अल्ट्रासाउंड होते हैं, जिन्हें करने के लिए एक चिकित्सक तैनात रहता है, जबकि 70 से अधिक एक्स-रे प्रतिदिन किए जाते हैं। ऐसे में दोनों ही कार्य करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट की जरूरत है। मेन पॉवर कम होने कारण सप्ताह में एक चिकित्सक एक्स-रे और एक चिकित्सक अल्ट्रासाउंड करता है।
एक 15 साल, दूसरी 8 साल पुरानी मशीन
मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग जिन दोनों मशीनों को सील कर पीठ थपथपा रहा है। असल में वह काफी पुरानी हो चुकी हैं, जो पूरी रिपेयर नहीं की जा सकती है। एक मशीन एलएनटी कंपनी है तथा दूसरी सीमांजू कंपनी की है, जिनमें एक पंद्रह साल पुरानी है तथा दूसरी आठ साल पहले आई थी।