मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ के कृषि विभाग में संविदा पर 25 हजार रुपये वेतन की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का खेल हुआ। सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी नितिन और दीपक को गिरफ्तार कर लिया। बड़ौत के रहने वाले तीसरे आरोपी नौशाद की पुलिस तलाश कर रही है। आरोपियों ने पिछले दिनों ही मऊ में महिला से 5.63 लाख और मुजफ्फरनगर में आठ युवकों से 12 लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस गिरोह का शिकार हुए बेरोजगारों की जानकारी जुटा रही है।
शाहपुर थाना क्षेत्र के मंधेड़ा गांव निवासी दीपक ने 19 जून को सिविल लाइन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया था कि विकास भवन में नौकरी के नाम पर डेढ़ लाख रुपये ऐंठ लिए गए। आठ युवकों से करीब 12 लाख रुपये की ठगी की गई।
एएसपी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार देर रात दिल्ली-दून बाईपास से कार सवार शामली के कैराना थाना क्षेत्र के गांव बीनड़ा के रहने वाले और वर्तमान में दिल्ली के प्रेम विहार करावल नगर निवासी नितिन और गाजियाबाद के लोनी के इंद्रापुरी कॉलोनी निवासी दीपक को पकड़ा गया।
पूछताछ में कृषि विभाग में नौकरी दिलाने वाले गिरोह का खुलासा हुआ। आरोपी दस्तावेजों की स्कैनिंग की नौकरी के लिए विज्ञापन निकालते थे। इसके बाद आवेदन करने वालों से ठगी का खेल शुरू होता था। कई जगह फर्जी तरीके से कार्यालयों में स्कैनिंग शुरू भी कराई गई।
आरोपी रुपये इकट्ठे होते ही ठिकाना बदल लेते थे। पुलिस गिरोह के नेटवर्क, बैंक खातों और अन्य पीड़ितों की तलाश में जुटी हैं। दोनों आरोपी स्नातक है, जबकि दीपक उर्फ विशाल ट्रांसपोर्टर है।
बरामदगी का विवरण
01 ब्रेजा कार UP14 DS 7020
03 मोबाइल
02 एटीएम कार्ड
02 मेट्रो कार्ड
04 आधार कार्ड
कृषि मंत्रालय के फर्जी एम्प्लॉई रजिस्ट्रेशन
03 नियुक्ति पत्र की प्रतियां
04- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के आवेदन फार्म
14 विभिन्न अभ्यर्थियों के नाम से तैयार 14 दस्तावेज
शातिरों ने बदल लिए थे नाम, कपिल के नाम से प्राथमिकी
मुजफ्फरनगर। पुलिस जांच में सामने आया कि कपिल का असली नाम नितिन है। धोखाधड़ी करने के लिए कपिल नाम से आधार कार्ड बनवाया था। ठगी की रकम दिल्ली की महिला मित्र के खाते में भिजवाता था, इस खाते का संचालन वह खुद ही करता था। दीपक ने विशाल नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाया था। कपिल उर्फ नितिन ने 12 लाख रुपये की ठगी मुजफ्फरनगर से की, इसमें से दीपक 70 हजार रुपये मिले थे।
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ट्रेन में बना गिरोह, मऊ में महिला को ठगा आरोपी
दीपक ने अपने ट्रक ड्राइवर मामा के नाम से खाता खुलवाया है । मऊ के रानीपुर थाने में चंद्रकला नाम की महिला ने पांच लाख 63 हजार रुपये उनके बेटे को नौकरी दिलाने के नाम पर दीपक और उसके साथियों के खिलाफ ठगी की प्राथमिकी दर्ज कराई है। कपिल उर्फ नितिन ने पुलिस को बताया कि फरवरी में बड़ौत निवासी नौशाद उसे लोनी जाते समय ट्रेन में मिला था। उसने जैम पोर्टल से टेंडर होना बताते हुए कृषि विभाग में प्रदेश के सभी जनपदों में स्कैनिंग का कार्य कराने का ठेका अपने पास होना बताया था। उसके कहने पर विकास भवन के कृषि विभाग में कार्य कराया गया था। पुलिस अब नौशाद की तलाश कर रही है।