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विधायकों पर भरोसा, चरथावल से सपना, मीरापुर से प्रशांत पर दांव

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विधायकों पर भरोसा, चरथावल से सपना, मीरापुर से प्रशांत पर दांव
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मुजफ्फरनगर। भाजपा ने जिले की छह विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिए। जातीय समीकरण नहीं बदला गया। चार मौजूदा विधायकों को ही दोबारा मैदान में उतारा गया है। चरथावल से स्वर्गीय मंत्री विजय कश्यप की पत्नी सपना विजय कश्यप और मीरापुर से पूर्व एमएलसी प्रशांत गुर्जर को प्रत्याशी बनाया है।
भाजपा ने शनिवार को प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। बुढ़ाना विधानसभा से विधायक उमेश मलिक, खतौली से विधायक विक्रम सैनी, पुरकाजी सुरक्षित सीट से विधायक प्रमोद उटवाल और सदर विधानसभा से कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया गया है। मीरापुर से विधायक अवतार भड़ाना के रालोद में शामिल हो जाने के बाद खाली हुई सीट पर पूर्व एमएलसी प्रशांत गुर्जर को चुनाव लड़ाया जाएगा। प्रशांत की पत्नी हेमलता चौधरी बसपा के टिकट पर बागपत विधानसभा से विधायक रह चुकी हैं। चरथावल विधानसभा से भाजपा के मंत्री रहे विजय कश्यप के कोरोना से निधन के कारण खाली हुई सीट पर उनकी पत्नी सपना विजय कश्यप को टिकट दिया गया है।
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बुढ़ाना से तीसरी बार लड़ेंगे उमेश मलिक
बुढ़ाना सीट से भाजपा के विधायक उमेश मलिक तीसरी बार चुनाव मैदान में होंगे। 2012 में पहला चुनाव वह हार गए थे। 2017 में जीतकर वह विधानसभा पहुंचे। हिंदुत्व की छवि वाले मलिक को तीसरी बार चुनाव मैदान में उतारा गया है।
खतौली से विक्रम पर जताया गया भरोसा
अपने बयानों को लेकर चर्चित रहने वाले विक्रम सैनी 2017 में पहली बार विधायक बने थे। आचार संहिता लगने से पहले वह लंबे समय तक बीमार रहे। भाजपा ने दूसरी बार उन्हें खतौली से चुनाव मैदान में उतारा है। विक्रम सैनी भी हिंदुत्व छवि के हैं।
पुरकाजी से मैदान में फिर होंगे उटवाल
भाजपा ने सुरक्षित सीट पुरकाजी से प्रमोद उटवाल को दोबारा मैदान में उतारा है। उटवाल ने 2017 में पहला चुनाव लड़ा था और कांग्रेस-सपा गठबंधन के प्रत्याशी दीपक कुमार को हराया था। प्रमोद का यह दूसरा चुनाव होगा।
शहर से कपिल देव का तीसरा चुनाव
कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल का शहर सीट से तीसरा चुनाव होगा। पालिका से राजनीति शुरू करने वाले कपिल देव को 2016 के उपचुनाव में पहली जीत मिली थी। इसके बाद 2017 में वह जीतकर विधानसभा पहुंचे। तीसरी बार टिकट लेने में कामयाब रहे हैं।
भावनाओं की नाव में सपना कश्यप
कोरोना के कारण मंत्री विजय कश्यप के निधन के बाद उनकी पत्नी सपना विजय कश्यप को टिकट दिया गया है। भाजपा के संभावित प्रत्याशी नरेंद्र कश्यप का जिस तरह चरथावल क्षेत्र में विरोध हुआ, उसके बाद भाजपा ने फैसला बदला। सपना का परिवार चरथावल से कई चुनाव लड़ चुका है, लेकिन वह स्वयं पहली बार चुनाव मैदान में उतरेगी।
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राजनीति के पुराने खिलाड़ी प्रशांत गुर्जर
मीरापुर से प्रत्याशी बनाए गए प्रशांत गुर्जर को राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ियों में गिना जाता है। बसपा के टिकट पर उनकी पत्नी हेमलता चौधरी बागपत से विधायक रहीं। वह खुद बसपा के एमएलसी रहे हैं। 2017 का चुनाव गढ़ से लड़ चुके हैं। गुर्जर सीट मानी जाने वाली मीरापुर से प्रत्याशी बनाए गए हैं।
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