सूबे में सत्ता बदलते ही अफसर ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए आकाओं की तलाश में जुट गए हैं। महंत आदित्यनाथ की सरकार का क्या रुख रहेगा यही चर्चा सरकारी महकमों में है। प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों में बदलाव की आहट से कर्मचारियों और बाबुओं में भी बेचैनी दिख रही है। नए मंत्रियों और भाजपा विधायकों के जरिये जुगत भिड़ाने की कवायद तेज हो गई है।
बड़े अफसरों के तबादले की प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल के गठन के बाद मंत्रियों के विभाग आवंटित होने का इंतजार है। हालांकि सहारनपुर मंडल में केवल डॉ धर्मसिंह सैनी और सुरेश राणा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाए गए हैं। अफसर और विभागाध्यक्ष अपने तबादले का ताना-बाना बुनने में मशगूल हैं। शासन से डीएम और एसएसपी के ट्रांसफर की सूची जारी किए जाने को लेकर अलग-अलग कयास हैं।
अखिलेश सरकार में मनमुताबिक पोस्टिंग पाए अधिकारियों में बेचैनी है। कई पीसीएस और पीपीएस लंबे अरसे से जिले में टिके हैं। लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, ग्रामीण विकास, आपूर्ति, गन्ना, स्वास्थ्य, शिक्षा, आबकारी, विद्युत और आरईएस जैसे विभागों में डेरा जमाए बैठे इंजीनियर्स, डॉक्टर्स और अन्य अफसरों पर तबादले का खतरा है। सत्ता बदलते ही सरकारी मुलाजिमों में अपना नजरिया भी बदल लिया है। मंत्रियों के करीबियों से संवाद और मुलाकातें बढ़ गई हैं, जिन भाजपाइयों की संगठन में पकड़ है, उनकी तलाश बढ़ गई है।
कलक्ट्रेट, विकास भवन, तहसील के मठाधीश बाबुओं और अफसरों के मुंह लगे कर्मचारियों की पेशानी पर बल है। महंत सरकार की भ्रष्टाचार पर सख्ती का रुख भांपते हुए अफसर से लेकर कर्मचारी तक की नजरें ट्रांसफर-पोस्टिंग पर हैं। दूरस्थ जिलों से आए अफसर अपने मूल जनपद के भाजपा नेताओं की शरण में पहुंचने लगे हैं।
नजरें इनायत की चाह में खाकी
मुजफ्फरनगर। पुलिस महकमे में भी सत्ता की तब्दीली के साथ बड़े साहब से दरोगा तक नजरें इनायत की चाह में व्यस्त हैं। ऐसे में भाजपा के बड़े नेताओं के चेलों की चांदी हो रही है। आश्वासन और भरोसे के दम पर छुटभैया की आवभगत बढ़ गई है। सपा सरकार में खाकी के रखवाले जिन्हें तिरछी निगाह से देखते थे, उन्हें मुस्कराहट के साथ तरजीह देने लगे हैं। थानों से लेकर चौकी तक में तबादलों को लेकर सुगबुगाहट दिखने लगी है।
दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री कार्यमुक्त
मुजफ्फरनगर। भाजपा सरकार बनते ही शासन ने नामित अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। प्रमुख सचिव राहुल भटनागर के आदेशानुसार तत्काल प्रभाव से दर्जा प्राप्त राज्य मंत्रियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। अखिलेश सरकार में पद पाने वाले जिले के मुफ्ती जुल्फिकार, ब्रजराज सैनी, मुकेश चौधरी, शबाब जैदी, महेश बंसल को उनके विभाग और आयोग से कार्य मुक्त कर दिया गया है।