उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने व्यापारियों की समस्याओं को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने सीएम अखिलेश यादव के नाम डीएम डीके सिंह को ज्ञापन भी दिया।
सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश सरकार विकास के कार्य करा अच्छा संदेश दे रही है, लेकिन व्यापारियों की किसी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
अनेक व्यापारी और लघु उद्यमी प्रदेश छोड़कर अन्य प्रदेशों में जा रहे हैं। प्रदेश का व्यापारी समाज स्वतंत्र और भयमुक्त समाज चाहता है, जिसमें इंस्पेक्टर और पुलिस का हस्तक्षेप न हो। ऐसा कानून हो, जिसमें व्यापारी को प्रदेश सरकार का मुनीम न बनना पड़े।
बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली में किसी प्रकार का मंडी अधिनियम लागू नहीं है। यूपी में सभी चीजों पर मंडी शुल्क ढाई प्रतिशत है। वैट लगाने के दौरान केंद्रीय बिक्री कर समाप्त करने की बात कही गई थी। सरकारें वायदे से हट गई हैं। यूपी में दिल्ली के मुकाबले बिजली का दाम काफी ज्यादा है। फिक्सड चार्ज, मिनीमम चार्ज एवं अन्य चार्ज समाप्त किए जाए। सी फार्म की अनिवार्यता समाप्त की जाए। व्यापारियों को विधानसभा में प्रतिनिधित्व दिया जाए।
राजकुमार नरुला, अशोक कंसल, श्याम सिंह सैनी,राकेश गर्ग, पवन सिंघल, सुनील तायल, बाबूराम मलिक, सुलक्खन सिंह नामधारी, विजय शुक्ला, संजय मित्तल, अजय सिंघल, हरीश अरोरा, आयुष सिंघल आदि रहे।