चीनी मिलों के क्रय केंद्रों पर गन्ने की नियमित तौल नहीं होने से खफा क्षेत्र के किसानों ने गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियां थाने में खड़ी कर प्रदर्शन किया। एडीएम प्रशासन हरीश चंद और जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश ने मौके पर पहुंचकर किसानों की मिलों के अधिकारियों से वार्ता कराई और उनकी समस्याओं का निस्तारण कराने का भरोसा दिया।
मंगलवार को भाकियू के नेतृत्व में क्षेत्र के गांव चौकड़ा, महाबलीपुर, रोनी हरजीपुर, मगनपुर, अकबरगढ़, मुथरा समेत कई गांव के किसान गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियां लेकर ब्लॉक परिसर में एकत्र हुए। यहां से ब्लॉक अध्यक्ष विकास शर्मा के नेतृत्व में किसानों का काफिला गन्ना लेकर थाने पहुंचा और ट्रैक्टर ट्रालियां को आडे़ तिरछे लगाकर आने जाने का रास्ते का अवरुद्ध कर दिया।
थाने प्रांगण में खड़ी कारों को जबरन उठाकर साइड में लगाकर ट्रॉलियां खड़ी कर दी। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ छल कर रही है। आर्थिक उन्नति का आधार माने जाने वाले गन्ने को खरीदने में शुगर मिलों की हीलाहवाली से किसान परेशान है।
समय से गन्ने की आपूर्ति नहीं होने से किसानों को बेटियों की हाथ पीले करने में दिक्कत आ रही है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सूचना पर एडीएम प्रशासन हरीश चंद और जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश ने मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया।
मिल अफसरों और किसानों के बीच रोजाना हर केंद्र पर 800 क्विंटल गन्ना खरीद करने, पर्ची की समय सीमा खत्म करने, पुरानी पर्चियों को तौल क्लर्क द्वारा मौके पर अपडेट करने एवं एक परची पर 32 क्विंटल का हाड़ा तौलने पर सहमति बनी। साथ ही भाकियू ने चेतावनी दी कि यदि मिल प्रबंधन उनकी मांगों पर खरा नहीं उतरे तो 22 फरवरी को हाईवे जाम किया जाएगा।
इस दौरान खाईखेड़ी शुगर मिल से अरुण कुमार, देवबंद से सीपी सिंह, संजय त्यागी और संदीप ठाकुर, तितावी से संजीव शर्मा मौके पर मौजूद रहे। किसान राजेंद्र भगत, इंद्रपाल मुथरा, सतपाल प्रधान, भोपाल पूर्व प्रधान, शहजाद, अरुण शर्मा, योगेश शर्मा, कृष्णपाल, सुरेश कुमार, नंद किशोर शर्मा, करण सिंह, मदन सिंह, सलीम, अभिषेक, चंद्रपाल आदि मौजूद रहे।