रामराज। भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के तीन गांव खुले में शौच से मुक्त हो गए हैं। जनपद में एक साथ 14 गांवों में अभियान चलाया जा रहा है। डीएम ने तीनों पंचायतों के ग्राम प्रधानों को दो-दो लाख के चेक वितरित किए। मंडल स्तर की निगरानी समिति इन गांवों की निगरानी करेगी।
रामराज समाना के मॉडर्न इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में डीएम डीके सिंह ने कहा कि यह खुले में शौचमुक्त ओडीएफ के विजय उत्सव में शामिल हुए हैं। गंगा किनारे के 14 गांवों में यह अभियान चलाया जा रहा है। तीन ग्राम पंचायतों ने अभियान को पूरा करते हुए अपने आपको खुले में शौच से मुक्त कर लिया। शेष गांवों में सीडीओ के नेतृत्व में अभियान में तेजी लाई गई है। रामराज समाना, फिरोजपुर बांगर, अहलावलपुर को जनसहयोग से शौच मुक्त किया गया है।
गरानी समिति की यह जिम्मेदारी है कि अब गांव का कोई भी व्यक्ति खुले में शौच न करें। खुले में शौच की आदत को बुरा बताया। कहा कि इससे बच्चों में कुपोषण, डायरिया, उल्टी, बुखार आदि भयानक बीमारी का खौफ बना रहता है।
इन बीमारियों से मुक्ति के लिए खुले में शौच न करें। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छ शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीण इस योजना में समुदाय संचालित संपूर्ण स्वच्छता मिशन का हिस्सा बन सकते हैं। योजना में जानसठ और मोरना ब्लाक की सात-सात ग्राम पंचायत ली गई हैं। डीएम ने समाना के प्रधान सचिन सिंह, अहलावलपुर के प्रधान यशपाल सिंह, फिरोजपुर बांगर के ग्राम प्रधान को ग्राम विकास के लिए दो-दो लाख के चैक देकर सम्मानित किया।
सीडीओ अंकित अग्रवाल ने कहा कि ओडीएफ को लेकर ग्रामीणों में अब जागरूकता देखने को मिल रही है। इससे आशा बन रही है कि जिले को जल्द ही खुले में शौच से मुक्त कर दिया जाएगा, जो गांव खुले में शौच से मुक्त हो गए हैं, वह अपने आसपास के गांवों को भी इससे जोड़ें। एसडीएम उमेशचंद मिश्रा, निगरानी समिति के सत्यवीर, विनोद, अंजना शर्मा, ऊषा, पूजा, दुष्यंत, पवन आदि मौजूद रहे।