- 20 साल बाद गैंगस्टर के मुकदमे आया अदालत का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। अदालत ने गैंग बनाकर अपराध करने वाले तीन हत्यारों को गैंगस्टर एक्ट में दो-दो साल की सजा और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष गैंगस्टर एक्ट ) अशोक कुमार के न्यायालय में हुई।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह एवं विशेष लोक अभियोजक दिनेश सिंह पुंडीर एवं राजेश शर्मा ने बताया वर्ष 2002 में थाना कोतवाली के गांव कच्छोली निवासी वीरेंद्र के पुत्र नर सिंह की गांव में गोली मारकर हत्या कर दी थी। वादी ने गांव के अशोक उर्फ काना, साहब सिंह, शिवकुमार और बंटू के विरुद्ध हत्या का मुकदमा पंजीकृत कराया था। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रघुराज सिंह चौहान ने अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट में चालान किया।
हत्या के अभियोग में अभियुक्तों को आजीवन कारावास हो चुका है। विचारण के दौरान अभियुक्त साहब सिंह की मृत्यु हो चुकी है। गैंगस्टर एक्ट के विशेष अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने दोषी अशोक, बंटू और शिव कुमार को दो-दो वर्ष का कारावास व पाँच -पाँच हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित करने का निर्णय दिया।