-शामली के हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने दिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। अदालत ने शामली के विजय हत्याकांड में दो कातिलों को आजीवन कारावास एवं 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-पांच (विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट) के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार के न्यायालय में हुई।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित त्यागी ने बताया सात जुलाई वर्ष 2007 की घटना है। शामली के कोतवाली थाना क्षेत्र में अजय और विजय पर दोषियों ने धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया था। जिसमें विजय की मौत हो गई थी और अजय गंभीर रूप से घायल हो गया था। वादी ने शामली निवासी रामदेव उर्फ आशू, विकास और करण सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
विवेचना के दौरान पुलिस ने करण सिंह की संलिप्तता नहीं पाते हुए अदालत में दो अभियुक्तों (दोषियों) के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष ने केस को साबित करने के लिए मजबूत पैरवी की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद रामदेव और विकास को हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 20 हजार का अर्थदंड एवं जानलेवा हमले के आरोप में सात सात साल की सजा और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।