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चोरी की बाइकों के साथ डॉक्टर सहित तीन दबोचे

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मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन पुलिस की गिरफ्त में वाहन चोरी के आरोपी। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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चोरी की बाइकों के साथ डॉक्टर सहित तीन दबोचे
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मुजफ्फरनगर। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मदीना चौक के पास चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान डॉक्टर सहित तीन वाहन चोरों को गिरफ्तार कर चोरी की आठ बाइक बरामद की हैं।
सिविल लाइंस थाने में सोमवार को सीओ सिटी कुलदीप सिंह ने प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि थाना पुलिस रविवार रात मदीना चौक के पास वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान तीन संदिग्ध बाइकों पर आते तीन युवकों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। आरोपियों में जनपद सहारनपुर के देवबंद के मोहल्ला किला निवासी अहमद, मोहल्ला वक्स दारूल उलूम निवासी शहजाद और गांव टपरी निवासी अफजल शामिल हैं, जिनके पास से बरामद तीनों बाइक चोरी की पाई गईं। आरोपियों के पास से दो तमंचे-कारतूस और एक चाकू भी बरामद किया गया। इनमें मोहल्ला किला निवासी अहमद फिजियोथैरेपी डॉक्टर है।
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आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की पांच अन्य बाइक भी बझेड़ी फाटक स्थित बंद पड़े ईंट-भट्ठे से बरामद की गईं। आरोपियों के तीन अन्य साथियों के नाम भी प्रकाश में आए, जिनमें सहारनपुर जनपद के गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव कैलाशपुर निवासी सुहेल, देवबंद के मोहल्ला बहरूम कोटला निवासी शाहरुख और गांव बड़झोलक निवासी कादिर शामिल हैं। आरोपियों से बरामद आठ बाइकों में से तीन ट्रेस कर ली गईं हैं, जो शहर क्षेत्र से ही चोरी की गई थी। अन्य बाइकों को भी ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बस से मुजफ्फरनगर आकर नई बाइक पर लौटते थे
सिविल लाइंस थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि आरोपी लगभग रोजाना ही बस में सवार होकर देवबंद से मुजफ्फरनगर आते थे। यहां से आरोपी कुछ ही देर में नई बाइक चोरी कर उसे लेकर देवबंद लौट जाते थे। आरोपियों द्वारा चोरी की इन बाइकों को सहारनपुर जनपद में मात्र ढाई हजार रुपये से लेकर पांच-सात हजार रुपये में बेच दिया जाता था।
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नशे का आदी है सरगना फिजियोथैरेपी डॉक्टर
इंस्पेक्टर ने बताया कि वाहन चोर गिरोह का सरगना देवबंद के मोहल्ला किला निवासी फिजियोथैरेपी डॉक्टर अहमद है। यह स्मैक के नशे का आदी है, जिसे नशा करने के लिए रोजाना 2,400 रुपये की जरूरत होती है। डॉक्टरी पेशे से आरोपी की नशे की लत पूरी नहीं हो पा रही थी, जिसके चलते करीब तीन माह पूर्व आरोपी ने डॉक्टरी छोड़कर बाइकें चोरी करना शुरू कर दिया। वह चोरी की बाइक को महज ढाई हजार रुपये में भी बेच देता था, जिसमें से 2,400 रुपये का नशा करने के बाद बाकी के सौ रुपये वह परिजनों को दे देता था। बाद में आरोपी ने अन्य युवकों को भी अपने गिरोह में शामिल कर लिया था।
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