मुजफ्फरनगर। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर सुजडू के निकट 22 साल पुराने मारपीट के मामले में तीन आरोपी साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिए गए। सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी कोर्ट संख्या प्रथम के पीठासीन अधिकारी रोबिन कुमार ने फैसला सुनाया।
हाईवे पर 18 फरवरी 2002 को एक ट्रक ने कार में टक्कर मार दी थी। हाईवे से गुजर रहा ट्रैक्टर सवार इमरान मदद के लिए रुक गया। इस दौरान कुछ लोगों ने इमरान पर हमला कर घायल कर दिया था। पीड़ित पक्ष ने सुजडू निवासी जरीफ, शौकीन और नसीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी कोर्ट संख्या प्रथम में हुई। प्रकरण में गवाह पक्षद्रोही हो गए। पीड़ित इमरान ने अदालत में कहा कि ट्रक ड्राइवर से कहासुनी के बाद भीड़ ने उसके साथ धक्का-मुक्की कर दी थी, जिस कारण चोट लग गई थी। गवाह विजय और वाजूदीन भी पक्षद्रोही हो गए। साक्ष्य के अभाव में अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। ब्यूरो