मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में सीबीआई बनाम बृज किशोर और एसपी मिश्रा की पत्रावली पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने दूसरी पत्रावली के आरोपी को गवाह के तौर पर पेश किया। अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी। एक अक्तूबर, 1994 की रात अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। इनमें महिला आंदोलनकारी भी शामिल थीं। रात करीब एक बजे रामपुर तिराहा पर बस रुकवा ली। आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे। उत्तराखंड संघर्ष समिति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद 25 जनवरी 1995 को सीबीआई ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे। सीबीआई बनाम ब्रजकिशोर एवं एसपी मिश्रा मामले की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन देवेन्द्र फौजदार कर रहे हैं। ब्रजकिशोर मामले में आरोपी रहे अनिल कुमार को बचाव पक्ष ने एसपी मिश्रा मामले में गवाह के तौर पर पेश कराया, जिसके बाद उसका बयान हुआ। सीबीआई ने दस्तावेज पेश करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया।